कोरोना से निपटने की तैयारी शुरू, एम्बुलेंस संचालन के लिए जारी हुये दिशा-निर्देश
लखनऊ। प्रदेश में लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य महकमें ने अपनी तैयारियों को पुख्ता करना शुरू कर दिया है। प्रदेश के अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने कोरोना संक्रमित मरीजों को लाने व ले जाने के लिए संचालित 108 एम्बुलेंसों के संचालन के लिए सभी …
लखनऊ। प्रदेश में लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य महकमें ने अपनी तैयारियों को पुख्ता करना शुरू कर दिया है। प्रदेश के अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने कोरोना संक्रमित मरीजों को लाने व ले जाने के लिए संचालित 108 एम्बुलेंसों के संचालन के लिए सभी जिला अधिकारियों व मुख्य चिकित्साधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिये है।
अपने निर्देश में अपर मुख्य सचिव ने कहा है कि सभी कोरोना मरीजों को अन्य रोगियों की तरह ही लाया व ले जाया जायेगा लेकिन मरीज को अस्पताल पहुंचाने के बाद एम्बुलेंस को सैनिटाइज व डिसइंफेक्ट किया जायेगा। एम्बुलेंस का संचालन करने वाली कंपनी को एम्बुलेंस में तैनात सभी कर्मचारियों का फिर से प्रशिक्षण करवाने के साथ ही सभी को मास्क, ग्लब्स, पीपीई किट व सैनिटाइजर उपलब्ध करवाना होगा।
उन्होंने कहा कि कोविड उपचार के बाद अगर किसी मरीज को अशक्तता व किसी अन्य कारण से घर छोड़ने की स्थिति आती है तो इसके लिए जिलाधिकारी या मुख्य चिकित्साधिकारी से अनुमति लेनी होगी। जिला अस्पतालों में भर्ती कोरोना मरीजों की संख्या में से केवल 20 प्रतिशत को ही घर पर ड्राप कराया जायेगा।
प्रसाद ने कहा कि कोविड काल सेंटर किसी भी स्थिति में बंद नहीं होगा। अगर काल सेंटर में संक्रमण फैलता है तो संक्रमित व्यक्तियों को हटा कर उनकी जगह नए लोगों को तैनात करा कर कार्य कराया जाये और काल सेंटर को पूरी तरह से डिसइंफेक्ट कराया जाये। उन्होंने कहा कि अगर काल सेंटर पर काम करने वालों में से 25 प्रतिशत से ज्यादा लोग संक्रमित हो जाते है तो इससे एम्बुलेंस के रिस्पांस टाइम में समस्या आ सकती है। ऐसी स्थिति में एंबुलेंस संचालक को देर के कारण होने वाली कटौती से छूट मिलेगी।
यह भी पढ़ें:-मिशन 2022: सभी 403 विधानसभा सीटों पर भाजपा चलाएगी लाभार्थी संपर्क अभियान
