मुरादाबाद: हरिनाम संकीर्तन ही भगवत धाम प्राप्ति का मार्ग
मुरादाबाद,अमृत विचार। समस्त युगों में कलियुग अति महत्वपूर्ण है क्योंकि मात्र हरिनाम जप से भगवत प्राप्ति हो जाती है। तीर्थों में गंगा तथा तैंतीस करोड़ देवी-देवता में भगवान श्रीकृष्ण श्रेष्ठ हैं। यह प्रवचन कथावाचक धीरशान्त दास ने भक्तों को दिए। शनिवार को बानों बाग, सिविल लाइंस एवं हरे कृष्ण चौक, नवीन नगर में श्रीगीता भागवत …
मुरादाबाद,अमृत विचार। समस्त युगों में कलियुग अति महत्वपूर्ण है क्योंकि मात्र हरिनाम जप से भगवत प्राप्ति हो जाती है। तीर्थों में गंगा तथा तैंतीस करोड़ देवी-देवता में भगवान श्रीकृष्ण श्रेष्ठ हैं। यह प्रवचन कथावाचक धीरशान्त दास ने भक्तों को दिए।
शनिवार को बानों बाग, सिविल लाइंस एवं हरे कृष्ण चौक, नवीन नगर में श्रीगीता भागवत सत्संग का आयोजन किया गया। सत्संग में कथावाचक धीर शान्त दास ने बताया कि कलियुग के प्रबल प्रभाव से धर्म ,सत्य ,पवित्रता, क्षमा ,दया ,आयु ,शारीरिक बल तथा स्मरण शक्ति दिन प्रतिदिन क्षीण हो रहें हैं।
भगवान श्रीकृष्ण के आविर्भाव तथा कर्मों की दिव्य प्रकृति को जानता है, वह इस शरीर को छोड़ने पर इस भौतिक संसार मे पुनः जन्म नही लेता अपितु सनातन धाम को प्राप्त होता है। सत्संग में मुकुल अग्रवाल, जितेन्द्र सिंह, मनोज गुप्ता एडवोकेट, राजीव सहाय, नवनीत गुप्ता, विवेक दुबे, कामना दुबे, सन्तोष नारंग, मोहिनी अरोड़ा, विपिन गुप्ता, कुसुम उत्तरेजा, सारिका अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
