मुरादाबाद : थप्पड़ का बदला लेने के लिए चाचा-भतीजे ने की थी ट्रांसपोर्टर के भाई की हत्या
मुरादाबाद। मझोला के ट्रांसपोर्ट नगर में तीन जनवरी को ट्रांसपोर्टर के भाई बलराम की हत्या रुपयों के लेनदेन के विवाद में मारे गए थप्पड़ का बदला लेने के लिए की गई थी। पुलिस ने चाचा-भतीजा समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर इस हत्याकांड का खुलासा कर दिया है। एएसपी सागर जैन ने बताया कि तीनों …
मुरादाबाद। मझोला के ट्रांसपोर्ट नगर में तीन जनवरी को ट्रांसपोर्टर के भाई बलराम की हत्या रुपयों के लेनदेन के विवाद में मारे गए थप्पड़ का बदला लेने के लिए की गई थी। पुलिस ने चाचा-भतीजा समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर इस हत्याकांड का खुलासा कर दिया है। एएसपी सागर जैन ने बताया कि तीनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। उनके पास से बलराम का मोबाइल फोन बरामद किया गया है।
प्रेस वार्ता के दौरान एएसपी सागर जैन ने बताया कि कुंदरकी के गांव रामपुर मैगन निवासी अमित कुमार ने चार जनवरी को हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। उसमें कहा था कि उसके पिता बलराम सिंह ट्रक चलाते थे। वह ट्रांसपोर्ट नगर में अपने भाई राजबहादुर के न्यू चौधरी ट्रांसपोर्ट पर रहते थे। तीन जनवरी को रात करीब आठ बजे अमरोहा के रजबपुर थाना क्षेत्र के गांव सरकड़ा खजूरी निवासी पप्पू सिंह अपने भतीजे कल्लन और एक अन्य अरोपी के साथ ट्रांसपोर्ट के ऑफिस आए थे। वहां आरोपियों ने उसके पिता की हत्या कर दी थी। उनके भाई राजबहादुर जब ट्रांसपोर्ट पर पहुंचे तो तीनों आरोपी जीने से उतर रहे थे। राजबहादुर को देख वे बाइक छोड़कर भाग गए थे। पोस्टमार्टम में गला घोटकर हत्या की पुष्टि हुई थी। शुक्रवार रात एसएचओ धनंजय सिंह की टीम ने नामजद आरोपी पप्पू सिंह, उसके भतीजे कल्लन और तीसरे आरोपी रजबपुर के ही गांव सकरपुर की मढैया निवासी राहुल को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने हत्या की बात स्वीकार की है।
ढाई साल पूर्व बलराम ने दिलाए थे 80 हजार रुपये
हत्यारोपी पप्पू सिंह ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि उसकी बहन गुड़िया उर्फ राखी की शादी कुंदरकी थाना क्षेत्र के गांव हुसैनपुर निवासी बिजेंद्र के पुत्र कपिल के साथ हुई थी। इसमें राजबहादुर और उसके भाई बलराम सिंह बिचौलिया थे। उन्होंने उसकी बहन के ससुर बिजेंद्र को 80 हजार रुपये उधार दिलाए थे। पप्पू ने बताया कि जब बिजेंद्र ने उनकी रकम नहीं लौटाई तो उसने राजबहादुर और बलराम से अपनी रकम दिलाने को कहा। पहली जनवरी को भी इस को लेकर पप्पू का विवाद हुआ था। इसमें बलराम ने पप्पू को थप्पड़ मार दिया था। इसी थप्पड़ का बदला लेने के लिए उसने अपने भतीजे कल्लन और उसके दोस्त राहुल के साथ मिलकर हत्याकांड को अंजाम दे डाला। एएसपी ने बताया कि अमित कुमार ने दो लाख रुपये लूट की बात भी कही थी। जांच में लूट की बात सही नहीं मिली।
उसी दिन बना ली थी बलराम की हत्या की योजना
आरोपी पप्पू ने पुलिस को बताया कि थप्पड़ का बदला लेने के लिए उसने उसी दिन बलराम की हत्या की योजना बना ली थी। योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए भतीजे कल्लन से बात की। कल्लन ने राहुल से उसका संपर्क कराया। इसके बाद यह तिकड़ी तीन जनवरी को बाइक से ट्रांसपोर्ट नगर पहुंची। तीनों ने पहले बलराम के साथ शराब पी फिर डंडों से उसे जमकर पीटा। इस दौरान मौका मिलते ही गला दबाकर उसे मौत के घाट उतार दिया।
