रामपुर : बिलासपुर सीट पर सबकी निगाह, दांव पर होगी राज्यमंत्री की प्रतिष्ठा
अखिलेश शर्मा/रामपुर, अमृत विचार। जिले में पांच विधानसभा क्षेत्र आते हैं। इनमें बिलासपुर 36 नंबर का विधानसभा क्षेत्र है। इस सीट पर अभी भाजपा का कब्जा है। यहां से सत्ताधारी पार्टी भाजपा के विधायक सरदार बलदेव सिंह औलख हैं, जो प्रदेश सरकार में जलशक्ति राज्यमंत्री हैं। उन्होंने कांग्रेस के दो बार के विधायक संजय कपूर …
अखिलेश शर्मा/रामपुर, अमृत विचार। जिले में पांच विधानसभा क्षेत्र आते हैं। इनमें बिलासपुर 36 नंबर का विधानसभा क्षेत्र है। इस सीट पर अभी भाजपा का कब्जा है। यहां से सत्ताधारी पार्टी भाजपा के विधायक सरदार बलदेव सिंह औलख हैं, जो प्रदेश सरकार में जलशक्ति राज्यमंत्री हैं। उन्होंने कांग्रेस के दो बार के विधायक संजय कपूर को हराकर सीट पर कब्जा जमाया था। वीआईपी सीट होने की वजह से सभी दलों की निगाह इस सीट पर है।
उत्तराखंड सीमा से सटे इस क्षेत्र को सिख बाहुल्य बोला जाता है। ज्यादातर सिख किसान हैं, जो किसान आंदोलन में सक्रिय रहे थे। इसलिए इस सीट पर राज्यमंत्री बलदेव औलख की प्रतिष्ठा दांव पर मानी जा रही है। हालांकि कांग्रेस के संजय कपूर को दावेदार मान लिया जाए, लेकिन किसी अन्य दल से दावेदार का कोई एक नाम तय नहीं है। बिलासपुर विधानसभा सीट 1967 में अस्तित्व में आई थी।
अब तक यहां कांग्रेस पांच बार, समाजवादी पार्टी दो बार और भारतीय जनता पार्टी भी दो बार चुनाव जीत चुकी है। एक बार 1977 में जेएनपी के सोहन लाल तो 1989 में एक बार आईएनडी से अनिल भारद्वाज चुनाव जीते थे। 2017 में बिलासपुर में कुल 44.30 प्रतिशत वोट पड़े। भारतीय जनता पार्टी के बलदेव सिंह औलख ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के संजय कपूर को 22359 वोटों के मार्जिन से हराया था। 2012 के विधानसभा चुनाव में इस सीट से कांग्रेस के संजय कपूर चुनाव जीतकर विधायक बने थे।
वह 2007 से 2017 तक लगातार 10 साल विधायक रहे। उन्होंने समाजवादी पार्टी की बीना भारद्वाज को हराया था। इस चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी संजय कपूर को 52818 वोट मिले थे, जबकि दूसरे नंबर पर रहीं समाजवादी पार्टी की प्रत्याशी बीना भारद्वाज को 42641 वोट मिले थे। वहीं तीसरे नंबर पर बसपा के अमरीश कुमार थे, जिन्हें 36224 वोट मिले थे। चौथे नंबर पर महान दल के शाहिद हुसैन थे, जिन्हें 7810 वोट मिले थे। राष्ट्रीय लोक मंच के उम्मीदवार परवेज अली को 6738 वोट मिले थे। वहीं बहुजन समाज पार्टी और भारतीय जनता पार्टी क्रमशः तीसरे और चौथे स्थान पर थी।
किसान आंदोलन में सबसे ज्यादा सक्रिय रहे किसान
तीन कृषि कानूनों के विरोध में हुए आंदोलन में इस क्षेत्र के सिख किसान सबसे ज्यादा सक्रिय रहे। यहां के दो किसानों की आंदोलन में शहादत भी हुई थी। आंदोलन समाप्त होने पर गाजीपुर से वापस लौटे इन किसानों का जोरदार स्वागत भी हुआ था। लिहाजा सरकार से किसानों की नाराजी का असर चुनाव पर हो सकता है। लेकिन, भाजपा ने इलाके के सिख समाज को कई पदों से नवाज कर नाराजगी दूर करने की कोशिश की है। सिख शरणार्थियों को जमीन पर कब्जा देने की घोषणा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रठोंडा की जनसभा में खुद करके गए हैं।
बिलासपुर विधानसभा चुनाव परिणाम (2017)
पार्टी उम्मीदवार का नाम कुल वोट वोट प्रतिशत मार्जिन
भाजपा बलदेव सिंह औलख 99,100 44.30% 22,359
कांग्रेस संजय कपूर 76,741 34.31% –
बसपा प्रदीप कुमार 39,344 17.59% –
पीक शाहिद हुसैन 2,688 1.20% –
रालोद संतोष शर्मा 2,439 1.09% –
नोटा नोटा 1,227 0.55% –
एलपीआई (पी) हरेंद्र सिंह 781 0.35% –

2017 के चुनाव में पार्टियों का इस सीट पर वोट शेयर
2017 के विधानसभा चुनाव में बिलासपुर सीट पर भारतीय जनता पार्टी को 44.31 प्रतिशत वोट मिला था, जबकि दूसरे नंबर पर रही कांग्रेस को 74.31 प्रतिशत वोट मिला था। तीसरे नंबर पर रही बसपा को 17.59 प्रतिशत, पीस पार्टी को 1.2 प्रतिशत वोट मिला था। वहीं रालोद को 1.1 प्रतिशत वोट मिला था। अब देखना होगा कि साल 2022 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर सरदार बलदेव सिंह औलख का जादू चलता है या मतदाता किसी दूसरे पार्टी के प्रत्याशी को मौका देते हैं।
बिलासपुर अब तक ये रहे विधायक
सोहनलाल, सरदार चंचल सिंह, सरदार दलजीत सिंह, मंजूर अली खान उर्फ शन्नू खान, ज्ञानी हरेंद्र सिंह, अनिल भारद्वाज, ज्वाला प्रसाद गंगवार, नवाब काजिम अली खान उर्फ नवेद मियां, बीना भारद्वाज, संजय कपूर व वर्तमान विधायक एवं राज्यमंत्री सरदार बलदेव सिंह औलख है।
