रायबरेलीः शारदा नहर में खंदी कटने से पानी में डूबी सैकड़ों बीघा फसल
रायबरेली। एनटीपीसी परियोजना को बिजली बनाने के लिए कोयला पानी की आवश्यकता होती है। जो शारदा सहायक व डलमऊ पंप कैनाल नहर से मंगाया जाता है। पटरी की मरम्मत ना होने से पूरे महावीर गांव के पास नहर की पटरी में खांदी हो गई। जिसके चलते तीन गांवों के किसानों की सैकड़ों बीघे फसल जलमग्न …
रायबरेली। एनटीपीसी परियोजना को बिजली बनाने के लिए कोयला पानी की आवश्यकता होती है। जो शारदा सहायक व डलमऊ पंप कैनाल नहर से मंगाया जाता है। पटरी की मरम्मत ना होने से पूरे महावीर गांव के पास नहर की पटरी में खांदी हो गई। जिसके चलते तीन गांवों के किसानों की सैकड़ों बीघे फसल जलमग्न हो गई है। ग्रामीणों ने नहर विभाग से लेकर एसडीएम तक से पटरी की भराई की गुहार लगाई है। जिस पर जेसीबी से खंदी बांधी गई।
विद्युत उत्पादन के लिए कोयले के साथ पानी की भी आवश्यकता होती है। जिसके लिए परियोजना प्रबंधन डलमऊ पंप कैनाल से पानी मंगाता है। बीती पूरे महावीर गांव के पास नहर की बाईं पटरी में खंदी हो गई। और पानी की धारा के बीच धीरे-धीरे पटरी में कटान हो गई, जिसके चलते गोपाल पुर उधवन, छतौना मरियानी, हटवा आदि गांवों के दर्जनों किसानों की गेहूं, सरसों चना आदि की फसलें जलमग्न हो गई।
किसान ओम प्रकाश ओझा, अखिलेश कुमार, बाबूलाल, मनोज कुमार, रामकुमार, रमेश कुमार द्विवेदी आदि ने बताया कि कई सालों से नहर विभाग व परियोजना प्रबंधन द्वारा नहर की सफाई, पटरी भराई का कार्य नहीं कराया गया है। जिसके चलते नहर की पटरी में खांधी होकर पटरी की कटान हो गई है। सूचना नहर विभाग के अधिकारियों समेत उपजिलाधिकारी को दी गई। लेकिन तीन दिन बीतने के बावजूद भी कोई भी अधिकारी झांकने तक नहीं आया। एसडीएम धीरज श्रीवास्तव ने बताया कि नहर विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।
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