बरेली: पर्यावरण अभियंता ने शुरू कराई जांच, अर्बन प्लानर से मांगी रिपोर्ट
बरेली, अमृत विचार। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट और अमृत योजना के तहत मोटी रकम खर्च करके विकसित व संरक्षित किए गए अक्षर विहार के पानी के दूषित होने का मामला सामने आने के बाद नगर निगम प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। इस मामले की जांच शुरू हो गई है। नगर निगम के पर्यावरण अभियंता …
बरेली, अमृत विचार। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट और अमृत योजना के तहत मोटी रकम खर्च करके विकसित व संरक्षित किए गए अक्षर विहार के पानी के दूषित होने का मामला सामने आने के बाद नगर निगम प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। इस मामले की जांच शुरू हो गई है। नगर निगम के पर्यावरण अभियंता ने अर्बन प्लानर को मौके पर भेजकर जांच रिपोर्ट और तालाब के फोटो मांगे हैं। इस आधार पर ही इस प्रकरण में आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
अमृत योजना के तहत करीब 1.25 करोड़ रुपये से नगर निगम प्रशासन अक्षर विहार तालाब के सौंदर्यीकरण का काम करा चुका है। इस बजट से तालाब के चारों ओर लोहे के जाल से फेंसिंग सहित कई काम कराए गए हैं। मोटी रकम खर्च कर तैयार हुए इस पार्क की चींजे बर्बाद न हो, इसके लिए नगर निगम प्रशासन ने एक फर्म को 10 साल के लिए कांट्रेक्ट दिया है। ठेका लेने वाली इसी फर्म की जिम्मेदारी है कि वह पार्क को सुरक्षित रखे और उसमें होने वाली टूट-फूट को दुरुस्त कराए लेकिन अक्षर विहार के संरक्षित किए तालाब की सुरक्षा को लेकर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। तालाब का पानी काफी दूषित हो गया है।
दूर तक काई और गंदगी ही दिखाई दे रही है। दिक्कत यह है कि कैंटीन संचालन पर शिकंजा न कसने से हर दिन बड़ी संख्या में लोग तालाब में गंदगी फेंक रहे हैं। यह मामला सामने आने के बाद पर्यावरण अभियंता संजीव प्रधान ने अर्बन प्लानर दिलीप कुमार को मौके पर भेजकर प्रकरण की जांच करने और तालाब की मौके की स्थिति की फोटोग्राफी भी कराई है। अर्बन प्लानर की जांच में भी तालाब में गंदगी के होने की पुष्टि हो रही है। पर्यावरण अभियंता की ओर से इसके आधार पर ही कार्रवाई की जानी है।
सु्प्रीम कोर्ट के आदेशों का हो रहा उल्लंघन : राजेश अग्रवाल
अक्षर विहार में संरक्षित किए गए तालाब के सौंदर्यीकरण के नाम पर कैंटीन संचालन का कांट्रेक्ट दिया जाना अनुचित है। रामपुर बाग के पार्षद राजेश अग्रवाल का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देश है कि पार्क में किसी तरह की व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन नहीं होगा तो फिर नियमों का उल्लंघन किस आधार पर किया जा रहा है। नगर निगम प्रशासन ऐसा करके कोर्ट के आदेश की भी अनदेखी कर रहा है।
वर्जन-
रविवार को अर्बन प्लानर को अक्षर विहार पार्क में भेजकर मौके की रिपोर्ट और तालाब के फोटो मांगे हैं। उसकी आख्या के बाद ही इस प्रकरण में नोटिस आदि की कार्रवाई की जाएगी। -संजीव प्रधान, पर्यावरण अभियंता, नगर निगम
