इडुक्की में एसएफआई कार्यकर्ता की चाकू मारकर हत्या
इडुक्की। स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के एक कार्यकर्ता की सोमवार को इडुक्की इंजीनियरिंग कॉलेज में कथित तौर पर युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने चाकू मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कन्नूर के निवासी, 21 वर्षीय धीरज राजेंद्रन और दो अन्य पर आज अपराह्न एक बजे हमला किया गया। …
इडुक्की। स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के एक कार्यकर्ता की सोमवार को इडुक्की इंजीनियरिंग कॉलेज में कथित तौर पर युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने चाकू मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कन्नूर के निवासी, 21 वर्षीय धीरज राजेंद्रन और दो अन्य पर आज अपराह्न एक बजे हमला किया गया। पुलिस ने पीटीआई-भाषा से कहा, “कॉलेज में पिछले कुछ दिनों से कॉलेज चुनाव का काम चल रहा है। दोनों छात्र संगठनों के बीच मामूली विवाद था। घटना अपराह्न करीब एक बजे की है। उसे यहां मेडिकल कॉलेज में ले जाया गया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका।
उन्होंने बताया कि अभिजीत और अमल दो अन्य छात्र हैं जिनपर हमला किया गया है और इनमें से एक की हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने बताया कि शुरुआती जांच के मुताबिक युवा कांग्रेस के जिला नेता निखिल पइले बाहर से अपने गिरोह के साथ कॉलेज पहुंचे और धीरज और अन्य पर चाकू से हमला करने के बाद परिसर से फरार हो गए। मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने छात्र की मौत पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि परिसरों में हिंसा फैलाने को स्वीकार नहीं किया जा सकता। विजयन ने कहा,” इडुक्की पाइनावु राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्र और एसएफआई कार्यकर्ता धीरज राजेंद्रन की हत्या बहुत ही दुखद और निदंनीय है। किसी भी परिस्थिति में महाविद्यालय परिसरों में हिंसा फैलाने की कोशिश को अनुमति नहीं दी जाएगी।
पुलिस को धीरज के हत्यारों को यथाशीघ्र न्याय के कठघरे में लाने का निर्देश दिया गया है।” उच्च शिक्षामंत्री आर बिंदु ने कहा कि युवा कांग्रेस नेता के नेतृत्व में गिरोह कॉलेज में दाखिल हुआ और छात्रों पर हमला किया। उन्होंने कहा, ”एक छात्र की हत्या कर दी गई जबकि दूसरा गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है।सरकार इस नृशंस हत्या में शामिल सभी लोगों को न्याय के कठघरे में लाने के लिए हर जरूरी कदम उठाएगी। हम सुनिश्चित करेंगे कि हिंसा दोबारा परिसरों में नहीं दोहराई जाए। वैचारिक लड़ाई विचारों के स्तर पर लड़ी जानी चाहिए, हथियारों के साथ नहीं।” माकपा के राज्य सचिव कोडियेरी बालाकृष्णन ने दावा किया कि यह हत्या पूर्व नियोजित थी और यह 21वां वाम कार्यकर्ता है जिसकी गत छह साल में हत्या की गई है।
उन्होंने कांग्रेस पर राज्य में कानून व्यवस्था को ध्वस्त करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। इस बीच, कांग्रेस की केरल इकाई के अध्यक्ष के सुधारकरण ने कहा कि उनकी पार्टी किसी तरह की हिंसा का समर्थन नहीं करती। उन्होंने कहा, ”केरल की जनता को फैसला करने दीजिए कि कौन अधिक हिंसक है। क्या कोई किसी परिसर की जानकारी दे सकता है जिसमें केएसयू (कांग्रेस की छात्र इकाई) ने हमले का आह्वान किया हो। हम जानते हैं कि इन हमलों के पीछे कौन है। यह एसएफआई है जो परिसरों में भय का माहौल बना रही है। उनको हम पर आरोप लगाने का कोई अधिकार नहीं है। उन्हें इस हत्या के पीछे के कारणों को लेकर आत्मचिंतन करने की जरूरत है।” वहीं, सैकड़ों की संख्या में विद्यार्थी, विधायक सहित वरिष्ठ वाम नेता इडुक्की मेडिकल कॉलेज के सामने एकत्र हैं जहां पर मृतक छात्र कार्यकर्ता का शव रखा गया है।
