बरेली: रेल चालू मगर भोजनालय और पेड शौचालय पड़े बंद
बरेली, अमृत विचार। रेलवे ट्रेनों का संचालन पूरे जोर के साथ कर रहा है। जंक्शन के चार्ट के मुताबिक 84 जोड़ी ट्रेनें मौजूदा वक्त में यहां से गुजरती हैं। कई ट्रेनों में अनारक्षित टिकट से यात्रा की सुविधा भी दी जाने लगी है मगर दो साल पहले कोरोना की पहली लहर शुरू होने के साथ …
बरेली, अमृत विचार। रेलवे ट्रेनों का संचालन पूरे जोर के साथ कर रहा है। जंक्शन के चार्ट के मुताबिक 84 जोड़ी ट्रेनें मौजूदा वक्त में यहां से गुजरती हैं। कई ट्रेनों में अनारक्षित टिकट से यात्रा की सुविधा भी दी जाने लगी है मगर दो साल पहले कोरोना की पहली लहर शुरू होने के साथ बंद हुई कई जरूरी सुविधाओं के शुरू होने का यात्री आज भी इंतजार कर रहे हैं जिसमें भोजनालय और पेड शौचालय प्रमुख रूप से शामिल है। बार-बार निविदाएं निकाले जाने के बावजूद कोई इन सुविधाओं को शुरू करने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहा है। माना जा रहा है कि निविदा पर लेने वालों को फिलहाल इसमें मुनाफा नहीं दिख रहा।
जंक्शन पर हर रोज लगभग 20 से 25 हजार यात्रियों की बोर्डिंग और डीबोर्डिंग एक बार फिर होने लगी है। पहली लहर के दौरान ट्रेनों का संचालन ठप हुआ तो रेल से जुड़ी दूसरी सुविधाएं भी प्रभावित हुईं। धीरे-धीरे ट्रेनों का संचालन शुरू हुआ तो रेलवे प्रशासन ने एक के बाद एक सुविधाओं में इजाफा करना शुरू किया मगर दो साल बाद भी कई ऐसी मूलभूत सुविधाएं हैं जिनके शुरू होने का इंतजार यात्री कर रहे हैं। प्लेटफार्म नंबर एक पर बना भोजनालय यात्रियों द्वारा बैठकर खाना खाने का मुफीद स्थान था लेकिन कोरोना की पहली लहर के दौरान इसे बंद कर दिया गया जो आज तक शुरू नहीं हुआ।
यहां यात्री प्रति प्लेट के हिसाब से भोजन कर सकते थे। वहीं आरक्षण कार्यालय और प्लेटफार्म नंबर एक के बीच मौजूद पे एंड यूज शौचालय भी कोरोना की पहली लहर के बाद से बंद पड़ा है। इसके ठीक बराबर में मौजूद मूत्रालय का इस्तेमाल यात्री कर सकते हैं। भोजनालय और पेड शौचालय शुरू नहीं होने के सवाल पर मुरादाबाद मंडल के अधिकारी कहते हैं कि इनको ठेके पर संचालित किया जाता है। रेल संचालन प्रभावित हुआ तो यात्रियों की संख्या कम हो गई। अब दोबारा जब भी निविदा निकाल रहे हैं तो लोग उसमें दिलचस्पी नहीं दिखा रहे क्योंकि उनको लगता है कि यात्रियों की संख्या कम होने के कारण फायदा नहीं मिलेगा।
वर्जन —
बार-बार निविदा निकालकर इन सुविधाओं को शुरू करने का प्रायस कर रहे हैं। यह एक निविदा आधारित कार्य है। निविदा भरने वाला यह आश्वासन चाहेगा कि कोरोना की स्थिति समाप्त हो बाजार की अनिश्चिताएं खत्म हों। इसकी वजह से थोड़ी देर जरूर हो रही है। हम इस प्रयास में लगे हैं कि जल्द से जल्द इसे चालू कराया जा सके। लिहाजा आगे भी निविदा निकालते रहेंगे।
— अजय नंदन, मंडल रेल प्रबंधक, मुरादाबाद मंडल
