मुरादाबाद : सोशल मीडिया के प्लेटफार्म पर सुस्त नेताजी अब पढ़ेंगे मतदाताओं का मन

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Edited By Amrit Vichar
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मुरादाबाद, अमृत विचार। चुनाव आयोग की घोषणा ने कई संभावित उम्मीदवारों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। कई विधायक मतदाताओं के सवालों का जवाब ढूंढ रहे हैं। जनप्रतिनिधि इस चुनौती से कैसे उबरेंगे, चौपाल पर इस बात की बहस छिड़ी है। सच तो यह है कि चुनाव में सोशल मीडिया पर निरक्षर कई विधायकों को मतदाताओं …

मुरादाबाद, अमृत विचार। चुनाव आयोग की घोषणा ने कई संभावित उम्मीदवारों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। कई विधायक मतदाताओं के सवालों का जवाब ढूंढ रहे हैं। जनप्रतिनिधि इस चुनौती से कैसे उबरेंगे, चौपाल पर इस बात की बहस छिड़ी है। सच तो यह है कि चुनाव में सोशल मीडिया पर निरक्षर कई विधायकों को मतदाताओं का मन पढ़ना है। अभी किसी भी दल ने प्रत्याशी का ऐलान नहीं किया है। आयोग ने वर्चुअल प्रचार का आदेश दिया है। उसके बाद से कई विधायकों के आईटी सेल की गतिविधि को लेकर बहस शुरू हो गई है। जिले के छह विधायकों से सोशल मीडिया पर उनकी सक्रियता को लेकर अमृत विचार के मुख्य संवाददाता आशुतोष मिश्र द्वारा पूछे गए सवालों पर कई चौकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। प्रस्तुत है विधायकों की बात उनकी जुबानी…

शहर विधायक रितेश गुप्ता फेसबुक, टि्वटर इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप पर सक्रिय हैं। इनका आईटी सेल चार सालों से कार्य कर रहा है, जिसमें व्हाट्सएप और फेसबुक पर वह स्वयं सक्रिय रहते हैं। अन्य सोशल साइट्स की जिम्मेदारी बेटे ने संभाल रखी है। गुप्ता कहते हैं कि फेसबुक पर 20,000 से अधिक समर्थक हैं और 5000 मित्र। टि्वटर-इंस्टाग्राम पर 8000 से अधिक समर्थक हें।

मुरादाबाद देहात के विधायक हाजी इकराम कुरैशी बताते हैं कि वह व्हाट्सएप पर लंबे समय से सक्रिय हैं। फेसबुक भी चलाते हैं, जबकि ट्विटर पर उनका कोई अकाउंट नहीं है। ऐसे सवालों पर पार्टी के कामिल मंसूरी बताते हैं कि इनके बेटे के जिम्मे यह काम है। इंस्टाग्राम पर उनकी कोई आईडी नहीं है। कुंदरकी के सपा विधायक हाजी रिजवान फेसबुक और व्हाट्सएप पर सक्रिय हैं। कहते हैं कि बेटे के जिम्मे सोशल मीडिया की जिम्मेदारी है। ट्विटर पर उनका कोई अकाउंट नहीं है। जबकि, क्षेत्रीय भ्रमण कार्यकर्ताओं से संपर्क और पार्टी की गतिविधियों के प्रसार में सोशल मीडिया का उपयोग करते हैं।

बिलारी के सपा विधायक मोहम्मद फहीम का कहना है कि यह मंच बहुत अच्छा है। बताते हैं कि दो साल पहले हमने जिलाधिकारी से अपने आईटी सेल कार्यालय का उद्घाटन कराया था। कोरोना काल में लोगों की मदद और संपर्क में इसका सहयोग लिया। चार साल से सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं। फेसबुक पर दो आईडी से लगभग 50,000 समर्थक जुड़े हैं। इंस्टाग्राम पर हजारों लोग फालो करते हैं। ट्विटर अकाउंट हैं। लेकिन, क्षेत्र में नेटवर्क की खराबी को लेकर केंद्र सरकार को कटघरे में खड़ा करते हैं। कहते हैं डेटा महंगा है। कांठ के विधायक राजेश कुमार चुन्नू साफगोई से असली बात कहते हैं। बताते हैं कि फेसबुक और व्हाट्सएप पर खुद सक्रिय हूं। लेकिन, टि्वटर और इंस्टाग्राम बेटा संचालित करता है।

उनका कहना है कि 2012 से सोशल साइट पर सक्रिय हैं। फेसबुक पर 25,000 से अधिक लोगों से संपर्क है। 7000 से अधिक समर्थकों का अनुरोध लंबित है। ठाकुरद्वारा के सपा विधायक नवाब जान खान कहते हैं कि हमारे आईटी सेल में पांच लोग हैं। कार्यक्रमों में आने-जाने, पार्टी की नीतियों के प्रचार में इस प्लेटफार्म का उपयोग करता हूं। विधायक फेसबुक, व्हाट्सएप पर पहले से सक्रिय हैं। अलबत्ता सप्ताह भर पहले ट्वीटर का अकाउंट बनाया है। यानी सोशल मीडिया के प्लेटफार्म से चुनावी जंग जीतने का लक्ष्य रखने वाले नेता जी लोगों को मतदाताओं का मन पढ़ना है। अपनी बात करनी है और उनका दिल जीतना है। यह सभी के लिए बड़ी चुनौती है।

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