अमरोहा जिले में शामिल नहीं करने पर मतदान के बहिष्कार का ऐलान

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असमोली, अमृत विचार। असमोली विकासखंड में निर्गुण न्याय पंचायत संघर्ष समिति के कार्यकर्ताओं ने समिति अध्यक्ष के नेतृत्व में गुरुवार को बैठक की। बैठक में पिछले कई वर्षों से चली आ रही नेकपुर न्याय पंचायत के गांवों को अमरोहा जिले में शामिल करने की मांग पर चर्चा की। बैठक में क्षेत्र के कई गांवों के …

असमोली, अमृत विचार। असमोली विकासखंड में निर्गुण न्याय पंचायत संघर्ष समिति के कार्यकर्ताओं ने समिति अध्यक्ष के नेतृत्व में गुरुवार को बैठक की। बैठक में पिछले कई वर्षों से चली आ रही नेकपुर न्याय पंचायत के गांवों को अमरोहा जिले में शामिल करने की मांग पर चर्चा की। बैठक में क्षेत्र के कई गांवों के ग्रामीणों ने भाग लेकर उनके गांवों को अमरोहा में शामिल नहीं करने पर विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करने का निर्णय लिया। बैठक में बताया गया कि इस बार 23 गांवों के लोग विधानसभा चुनाव में हिस्सा नहीं लेंगे।

असमोली विकासखंड के गांव भवालपुर बांसली में निर्गुण न्याय पंचायत संघर्ष समिति के कार्यकर्ताओं ने समिति अध्यक्ष मास्टर हरिराज सिंह के आवास पर बैठक आयोजित की। बैठक में समिति अध्यक्ष ने कहा कि संभल के जनपद बनने के बाद से ही क्षेत्र के लोग नेकपुर न्याय पंचायत को जनपद अमरोहा में शामिल करने की मांग कर रहे हैं, क्योंकि यहां से जनपद संभल के मुख्यालय की दूरी अमरोहा से अधिक है, जिससे अपनी शिकायतों को लेकर आने जाने में रुपये और समय दोनों ही बर्बाद होते हैं।

अमरोहा में शामिल होने के बाद समय और रुपये दोनों की बचत होगी, 2019 में लोकसभा के चुनाव में पंचायत राज मंत्री भूपेंद्र सिंह ने गांव नेकपुर पहुंचकर क्षेत्र की जनता से न्याय पंचायत को जनपद अमरोहा में शामिल करने का वादा किया था, लेकिन आज तक मंत्री ने अपने वादे पर गौर नहीं किया, जिससे आसपास के गांव के लोगों ने रोष व्याप्त किया। राजेंद्र सिंह ने कहा कि नेकपुर न्याय पंचायत के 23 गांव अपनी मांग को लेकर विधानसभा चुनाव में मतदान नहीं करेंगे। चुनाव का पूरी तरह से बहिष्कार करेंगे।

निर्गुण न्याय पंचायत संघर्ष समिति के अध्यक्ष हरिराज सिंह ने कहा कि क्षेत्र के 23 गांव अमरोहा जनपद से लगे हुए हैं जोकि लगभग आठ से 10 किलोमीटर के दायरे में हैं। हमने इससे पहले लोकसभा चुनाव का बहिष्कार करने का प्लान बनाया था। उस समय चौधरी भूपेंद्र सिंह आए और 23 गांवों को अमरोहा जनपद में जोड़ने के लिए आश्वासन दिया था। आज तक उनकी समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ है। इस बार हम विधानसभा चुनाव में मतदान नहीं करेंगे। हमारी समस्या लखनऊ तक पहुंच गई थी, लेकिन आज तक कुछ नहीं हुआ।

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