कानपुर की गोविंद नगर विधानसभा में प्रत्याशी को लेकर कांग्रेस में कौतूहल

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में दस विधानसभाओं वाली औद्योगिक नगरी कानपुर में गोविंदनगर सीट के लिये उम्मीदवार के नाम को लेकर पार्टी समर्थकों में खासी बेचैनी देखी जा रही है। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में मात्र एक सीट पर सिमटने वाली कांग्रेस जिले की कम से कम तीन विधानसभा सीटों किदवईनगर, कैंट और गोविंदनगर में …

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में दस विधानसभाओं वाली औद्योगिक नगरी कानपुर में गोविंदनगर सीट के लिये उम्मीदवार के नाम को लेकर पार्टी समर्थकों में खासी बेचैनी देखी जा रही है। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में मात्र एक सीट पर सिमटने वाली कांग्रेस जिले की कम से कम तीन विधानसभा सीटों किदवईनगर, कैंट और गोविंदनगर में विपक्षी दलों के सामने कड़ी चुनौती पेश कर सकती है जबकि कल्याणपुर और आर्यनगर में भी पार्टी प्रत्याशी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और समाजवादी पार्टी (सपा) को कड़ी टक्कर दे सकता है।
कैंट सीट को बरकरार रखने के अलावा कांग्रेस का लक्ष्य किदवईनगर और गोविंदनगर को भी हासिल करना होगा।

किदवईनगर में पार्टी के पास अजय कपूर के तौर पर मजबूत प्रत्याशी है जिनके नाम का एलान पहली सूची में कर दिया गया है वहीं कैंट के मौजूदा प्रत्याशी सोहिल अख्तर अंसारी पर पार्टी दोबारा दांव लगा चुकी है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा द्वारा जारी पहली सूची में किदवईनगर, कैंट, आर्यनगर, महाराजपुर और बिल्हौर में प्रत्याशियों के नाम शामिल है जबकि गोविंदनगर, कल्याणपुर, बिठूर, सीसामऊ और घाटमपुर में उम्मीदवारों के नाम अभी फाइनल नहीं किये गये हैं।

ब्राह्मण बाहुल्य गोविंदनगर विधानसभा सीट पर 2019 में हुये विधानसभा उपचुनाव में दूसरे नम्बर पर रही करिश्मा ठाकुर और 2012 में भाजपा प्रत्याशी से हार कर रनरअप रहे डा शैलेन्द्र दीक्षित के बीच टिकट को लेकर सीधी लड़ाई है। दोनों ही खुद को टिकट का प्रबल दावेदार बता रहे हैं और गोविंदनगर के अलावा किसी और सीट से चुनाव लड़ने से साफ मना कर रहे हैं।

पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि करिश्मा और शैलेन्द्र दीक्षित के समर्थकों में जारी रस्साकशी को देखकर पार्टी गोविंदनगर सीट पर युवा छात्र नेता विकास अवस्थी को टिकट दे सकती है। सही मायनों में गोविंदनगर सीट को फतह करने से पहले कांग्रेस को पार्टी में जारी गुटबाजी से पार पाना होगा। करिश्मा और विकास दोनो को ही प्रियंका का करीबी समझा जाता है हालांकि कांग्रेस आलाकमान में गहरी पैठ रखने वाले एक स्थानीय नेता विकास की पैरवी लगातार कर रहे हैं, इसके अलावा पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अजय लल्लू से भी उनके मधुर संबंध है जिसका फायदा उन्हे टिकट के तौर पर मिल सकता है।

गौरतलब है कि एनएसयूआई की राष्ट्रीय महासचिव रह चुकी करिश्मा ने 2019 के विधानसभा उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी सुरेन्द्र मैथानी को कड़ी टक्कर दी थी जबकि यह कारनामा 2012 में डा शैलेन्द्र दीक्षित भी कर चुके हैं। करिश्मा फिलहाल बुंदेलखंड जोन की महिला प्रदेश अध्यक्ष हैं जबकि डा शैलेन्द्र दीक्षित नगर अध्यक्ष के तौर पर विराजमान हैं। पार्टी प्रत्याशियों की पहली सूची मेें गोविंदनगर का नाम नहीं आने पर दोनो संभावित उम्मीदवारों और उनके समर्थकों की बेचैनी बढ़ गयी है।

दोनों ने अलग अलग यूनीवार्ता से बातचीत में भरोसा जताया कि प्रियंका उनको गोविंदनगर से उम्मीदवार बनायेंगी। दोनों संभावितों का यह भी कहना था कि वे गोविंदनगर के अलावा किसी और विधानसभा सीट पर चुनाव नहीं लड़ेंगे। विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश में दल बदल के उठे बंवडर में कांग्रेस इन सात में से पांच विधायकों से हाथ धो चुकी है। ऐसे में कांग्रेस की चुनावी वैतरणी को पार लगाने की हर मुमकिन कोशिश कर रही पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा की तरफ कांग्रेस समर्थकों की आंखें टिक गयी है।

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