बरेली: नए शैक्षिक सत्र में बच्चों को मिलेगी यूनिक आईडी
बरेली, अमृत विचार। डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के तहत कई ऐसे मामले पकड़ में आए जिसमें बच्चों का प्रवेश किसी अन्य स्कूल में पंजीकृत है। इस फर्जीवाड़े पर रोक लगाने के लिए सर्व शिक्षा अभियान के तहत छात्रों को यूनिक आईडी नंबर से जोड़ने की शुरूआत की जाएगी। इसके लिए शासन स्तर पर रूपरेखा तैयार …
बरेली, अमृत विचार। डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के तहत कई ऐसे मामले पकड़ में आए जिसमें बच्चों का प्रवेश किसी अन्य स्कूल में पंजीकृत है। इस फर्जीवाड़े पर रोक लगाने के लिए सर्व शिक्षा अभियान के तहत छात्रों को यूनिक आईडी नंबर से जोड़ने की शुरूआत की जाएगी। इसके लिए शासन स्तर पर रूपरेखा तैयार कर स्थानीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।
तैयार रूपरेखा के मुताबिक प्राथमिक, उच्च प्राथमिक व कंपोजिट विद्यालयों में पढ़ने वाले 2 लाख से ज्यादा बच्चों की यूनिक आईडी जेनरेट की जाएगी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विनय कुमार ने बताया कि डीबीटी के तहत कई ऐसे मामले सामने आए हैं, इसमें एक बच्चे का नामांकन दूसरे स्कूलों में पाया गया । इस कारण कई दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इस तरह के मामलों की पहचान के लिए स्कूलों में बच्चों को यूनिक आईडी नंबर से जोड़ा जाएगा।
इसमें पहली से आठवीं तक के बच्चों को शामिल किया जाएगा। इस आईडी को वेबसाइट पर दर्ज करने पर संबंधित बच्चे की डिटेल खुल जाएगी। सरकारी योजनाओं में बच्चों की संख्या को लेकर होने वाले फर्जीवाड़े पर रोक लगाने में यह कवायद बेहद करागर साबित होगी। शासन की ओर से यह कवायद नए शैक्षिक सत्र से शुरू की जाएगी।
इस योजना से संबंधित पहलुओं की विस्तृत जानकारी के लिए एआरपी, एसआरपी और जिला समंवयकों को ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के माध्यम से बच्चों की यूनिक आईडी जेनरेट करने के तरीके बताए जाएंगे। विद्यार्थियों की यूनिक आईडी बनाने के लिए सबसे पहले बच्चों का एक डाटा बेस तैयार किया जाएगा। इसमें उनसे जुड़ी सभी सूचनाएं दर्ज की जाएंगी। जैसे बच्चे का नाम, अभिभावक का नाम, स्कूल जिसमें बच्चा नामांकित है।
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