विधानसभा चुनाव 2022: मुरादाबादी पतीले में सियासी उबाल मंडल में किसकी गलेगी दाल
क्रांति शेखर सारंग/मुरादाबाद, अमृत विचार। मंडल में चुनाव का शंखनाद हो चुका है। दलों के सूरमा दांव आजमाने को तैयार हैं। कुछ को टिकट मिल गया है। कई इंतजार में हैं। अबकी बार राजनीतिक उठापटक के बीच मुरादाबादी सियासी पतीले में जबरदस्त उबाल के संकेत हैं। मंडल में किसकी दाल गलती है, यह 10 मार्च …
क्रांति शेखर सारंग/मुरादाबाद, अमृत विचार। मंडल में चुनाव का शंखनाद हो चुका है। दलों के सूरमा दांव आजमाने को तैयार हैं। कुछ को टिकट मिल गया है। कई इंतजार में हैं। अबकी बार राजनीतिक उठापटक के बीच मुरादाबादी सियासी पतीले में जबरदस्त उबाल के संकेत हैं। मंडल में किसकी दाल गलती है, यह 10 मार्च को सबके सामने होगा।
मंडल में चुनावी घमासान बेहद रोचक होने वाला है। क्योंकि पिछले लोक सभा चुनाव में इकलौता यह ही मंडल ऐसा था, जिसने भाजपा के अश्वमेध यज्ञ के घोड़े को पूरी शक्ति के साथ रोक दिया था। वर्ष 2017 के चुनाव में भाजपा- सपा में यहां सीधा मुकाबला हुआ था, जो लगभग-लगभग बराबरी पर छूटा था। 27 में 14 सीटों पर भाजपा ने झंडा फहराया था। 13 सीटों पर सपा ने कब्जा जमाया था। स्वार-टांडा सीट पर मोहम्मद आजम खां के बेटे अब्दुल्ला आजम को कम उम्र के मामले में विधायकी गंवानी पड़ गई थी। 2019 के लोकसभा चुनाव परिणामों ने भाजपाइयों की नींद उड़ा दी थी।
उसी परिणाम से इस बात का संकेत निकला कि यहां के चुनावी समीकरणों को साधना काफी चुनौतीपूर्ण रहेगा। यह ही कारण है कि जनता की नब्ज टटोलने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुरादाबाद के कई दौरे कर चुके हैं। आजम खान का किला भेद अपना वर्चस्व स्थापित करने में जुटी भाजपा मंडल में रामपुर विधानसभा सीट लगातार सुर्खियों में रही है। इस सीट पर नौ बार विधायक रहे मोहम्मद आजम खां सांसद बने। उन पर तमाम मुकदमे पंजीकृत हैं। जेल जाना, तमाम जांचें, जौहर विश्वविद्यालय की जमीन के मामले बहुत चर्चा में हैं। फिलहाल भाजपा आजम के मजबूत सियासी किले को भेदकर अपना वर्चस्व स्थापित करने के प्रयास में है।
भाजपा ने अमरोहा सीट से संगीता चौहान का टिकट काटा
मंडल में भाजपा के 14 विधायकों में से सिर्फ चेतन चौहान की पत्नी संगीता चौहान का टिकट कटा है। पूर्व क्रिकेटर और कैबिनेट मंत्री रहे चेतन चौहान की कोविड संक्रमण से मौत हो गई थी। उनकी मौत के बाद हुए उपचुनाव में उनकी पत्नी संगीता चौहान अमरोहा जिले की नौगावां सादात सीट से विधायक बनी थीं। वह मंडल की इकलौती विधायक हैं, जिनका टिकट पार्टी ने काट दिया है। इस वक्त मुरादाबाद, रामपुर और संभल में भारतीय जनता पार्टी के दो-दो विधायक हैं। वहीं अमरोहा मे तीन और बिजनौर में पांच विधायक भाजपा के हैं। 2017 में भाजपा ने 15 सीटों पर जीत दर्ज की थी। नूरपुर विधायक की दुर्घटना में मौत होने के बाद उपचुनाव में भाजपा के वह सीट पार्टी के हाथों से चली गई थी।
नगर विधानसभा सीट पर रहा वैश्य समाज का दबदबा
नगर विधानसभा में 1951 से 2017 तक 17 विधानसभा चुनाव हुए हैं। नगर विधानसभा पर चार बार कांग्रेस, दो बार निर्दलीय, एक बार आरपीआई, एक बार भारतीय जनसंघ, एक बार जनता पार्टी, दो बार जनता दल, चार बार भाजपा और दो बार समाजवादी पार्टी से विधायक चुने जा चुके हैं। सीट पर दबदबे की बात करें तो अब तक इस सीट पर वैश्य समाज का दबदबा रहा है और विधानसभा चुनाव में 10 बार वैश्य समाज से विधायक चुने गए हैं।
अगर मतदाताओं के रुझान की बात करें तो 1974 और 1977 में दो बार लगातार दिनेश चंद्र रस्तोगी विधायक चुने गए थे। वह 1974 में भारतीय जनसंघ और 1977 में जनता पार्टी से विधायक चुने गए। उसके बाद 1980 और 1985 के विधानसभा चुनाव में लगातार दो बार कांग्रेस से विधायक चुने गए। 1980 में हाफिज मोहम्मद सिद्दीकी और 1985 में पुष्पा सिंघल कांग्रेस से विधायक चुनी गईं। 1989 और 1991 में इस सीट पर जनता दल का कब्जा रहा। 1989 में शमीम अहमद और 1991 में जाहिद हुसैन जनता दल से विधायक चुने गए। लेकिन, 1993 से 2007 तक हुए चार विधानसभा चुनावों में लगातार चार बार संदीप अग्रवाल विधायक रहे।
यहां संदीप अग्रवाल लगातार तीन बार भारतीय जनता पार्टी से और 2007 के चुनाव में अपनी लोकप्रियता की वजह से समाजवादी पार्टी से विधायक चुनकर चौथी बार विधानसभा तक पहुंचे। 2012 के चुनाव में वह बीमार हो गए और उनके स्थान पर समाजवादी पार्टी से यूसुफ अंसारी ने बाजी मार ली। 2012 में भाजपा से रितेश गुप्ता ने हुंकार भरी। लेकिन, जीत हासिल नहीं कर पाए। 2017 के चुनाव में भाजपा ने रितेश गुप्ता पर दोबारा दांव लगाया।
उनके सामने समाजवादी पार्टी से एक बार फिर युसूफ अंसारी थे। लेकिन, बहुत ही कम अंतर से रितेश गुप्ता विधायक चुन लिए गए। उन्हें 1,23,467 वोट प्राप्त हुए थे, जबकि उनके प्रतिद्वंदी रहे समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी युसूफ अंसारी को 1,20,274 मत प्राप्त हुए थे। कड़े मुकाबले में जीत का अंतर सिर्फ 3193 वोटों का ही रहा। इस बार फर नगर सीट से भाजपा ने रितेश गुप्ता में विश्वास दिखाया है। इस बार मोदी मैजिक और वैश्य फैक्टर का जादू चल पाएगा या नहीं यी परिणाम बताएंगे।
1993 से मुरादाबाद देहात सीट पर बंद है भाजपा का खाता
1957 में अस्तित्व में आई मुरादाबाद ग्रामीण विधानसभा सीट का भी अपना इतिहास रहा है। इस सीट पर अब तक के 16 विधानसभा चुनावों में से 12 बार मुस्लिम विधायकों को विजय प्राप्त हुई। 1993 में भारतीय जनता पार्टी को यहां से पहली बार सफलता मिली थी। उस समय अयोध्या लहर में सुरेश प्रताप सिंह ने चुनाव में विजय प्राप्त की थी। उसके बाद से भाजपा यहां जीत के लिए तरस रही है। इस बार भारतीय जनता पार्टी ने देहात सीट पर केके मिश्रा को टिकट देकर मैदान में उतारा है। इसके अलावा कुंदरकी से कमल प्रजापति और बिलारी से परमेश्वर लाल सैनी को भाजपा ने प्रत्याशी बनाया है। वह 2019 में संभल लोकसभा सीट से लोकसभा का चुनाव भी लड़ चुके हैं। उन्हें सपा के डॉ. बर्क के हाथों पराजय का सामना करना पड़ा था।
सीटों के आंकड़े
मुरादाबाद (छह सीटें)
मुरादाबाद नगर विधानसभा : रितेश गुप्ता भाजपा के विधायक
जातिगत आंकड़े : मुस्लिम करीब दो लाख, वैश्य 65 हजार, अनुसूचित जातियां 50 हजार, सैनी 22 हजार, ब्राह्मण व क्षत्रिय 15-15 हजार
मुरादाबाद देहात विधानसभा : हाजी इकराम कुरैशी सपा के विधायक
जातिगत आंकड़े : मुस्लिम करीब 2.03 लाख, जाटव 28 हजार, सैनी 22 हजार, ब्राह्मण 13.5 हजार, वैश्य 12.5 हजार, पाल 12 हजार
बिलारी : मोहम्मद फईम विधायक, समाजवादी पार्टी
जातिगत आंकड़े : मुस्लिम करीब 1.05 लाख, जाटव व अन्य अनुसूचित जातियां 85 हजार, यादव 40 हजार, जाट 20 हजार, क्षत्रिय 15 हजार, ब्राह्मण 8 हजार
कुंदरकी विधानसभा : मोहम्मद रिजवान सपा विधायक
जातिगत आंकड़े : मुस्लिम 2.20 लाख, अनुसूचित जातियां 54 हजार, क्षत्रिय 25 हजार, सैनी 24 हजार, लोधी राजपूत 15 हजार, यादव 11 हजार
कांठ :राजेश कुमार सिंह उर्फ चुन्नू, विधायक, भारतीय जनता पार्टी
जातिगत आंकड़े : मुस्लिम करीब 1.20 लाख, जाटव 40 हजार, जाट व विश्नोई 30 हजार, सैनी 28 हजार, चौहान 15 हजार, ब्राह्मण 10 हजार
ठाकुरद्वारा : नवाब जान खान, विधायक सपा
जातिगत आंकड़े : मुस्लिम करीब 70 हजार, क्षत्रिय व चौहान 60 हजार, जाटव 36 हजार, सैनी 30 हजार
रामपुर (पांच सीटें)
रामपुर शहर : डॉ. तजीन फात्मा, विधायक सपा
जातिगत आंकड़े : मुस्लिम करीब 80 हजार, वैश्य व लोधी 35-35 हजार, अनुसूचित जाति 14 हजार, यादव 11 हजार
बिलासपुर : बलदेव सिंह औलख, विधायक भाजपा
जातिगत आंकड़े : मुस्लिम करीब 70 हजार, कुर्मी 50 हजार, अनुसूचित जाति 40 हजार, सिख 25 हजार, वैश्य 20 हजार, मौर्य और लोधी 15-15 हजार
मिलक (सुरक्षित) : राजबाला, विधायक, भारतीय जनता पार्टी
जातिगत आंकड़े : अनुसूचित जाति करीब 82 हजार, मुस्लिम 80 हजार, लोधी 72 हजार, यादव 25 हजार, कुर्मी आठ हजार
स्वार : रिक्त सीट। (अब्दुल्ला आजम खां सपा से जीते थे। आयु को लेकर सवाल खड़े होने पर हाईकोर्ट के आदेश पर दिसंबर 2019 में उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया गया। इस पर निर्वाचन रद कर दिया गया। चुनाव आयोग ने भी सीट को रिक्त घोषित कर दिया
जातिगत आंकड़े : मुस्लिम 1.81 लाख, सैनी 60 हजार, सिख आठ हजार व अन्य
चमरौआ : नसीर अहमद खां, विधायक सपा
जातिगत आंकड़े : मुस्लिम करीब 1.70 लाख, लोधी 50 हजार, सैनी 21 हजार, सिख 10 हजार, पाल छह हजार।
अमरोहा (चार सीटें)
अमरोहा : महबूब अली, विधायक सपा
जातिगत आंकडे़ : मुस्लिम 1.80 लाख, सैनी 15 हजार, अनुसूचित जातियां 21 हजार, जाट 12 हजार, गुर्जर आठ हजार, वैश्य सात हजार
नौगांवा सादात : भाजपा की संगीता चौहान विधायक हैं। वर्ष 2017 के चुनाव में क्रिकेटर चेतन चौहान भाजपा से जीते थे। उनके निधन के बाद हुए उप चुनाव में उनकी पत्नी संगीता चौहान जीतीं
जातिगत आंकडे़ : मुस्लिम करीब 1.25 लाख, अनुसूचित जातियां 50 हजार, जाट 40 हजार, क्षत्रिय 30 हजार, सैनी 22 हजार, पाल 15 हजार, गुर्जर 12 हजार, यादव 10 हजार
हसनपुर : महेंद्र सिंह खड़गवंशी, विधायक, भारतीय जनता पार्टी
जातिगत आंकडे़ : मुस्लिम 1.08 लाख, खड़गवंशी 90 हजार, अनुसूचित जातियां 60 हजार, सैनी 27 हजार, गुर्जर 24 हजार, प्रजापति 14 हजार, ब्राह्मण, त्यागी, यादव 7-7 हजार
धनौरा (सुरक्षित) : राजीव तरारा, विधायक भाजपा
जातिगत आंकडे़ : मुस्लिम करीब एक लाख, अनुसूचित जाति 70 हजार, सैनी 40 हजार, जाट 35 हजार, प्रजापति 30 हजार, ब्राह्मण व गुर्जर आठ-आठ हजार
संभल (चार सीटें)
असमोली : पिंकी यादव, विधायक, समाजवादी पार्टी
जातिगत आंकड़े : मुस्लिम करीब 1.25 लाख, यादव 72 हजार, अनुसूचित जातियां 55 हजार, सैनी 50 हजार और जाट 42 हजार
संभल : इकबाल महमूद, विधायक सपा
जातिगत आंकड़े : मुस्लिम करीब 2.5 लाख, अनुसूचित जाति 48 हजार, जाट नौ हजार, यादव पांच हजार
गुन्नौर : अजीत कुमार उर्फ राजू यादव, विधायक भाजपा
जातिगत आंकड़े : यादव करीब 1.80 लाख, मुस्लिम 55 हजार, जाटव 44 हजार, वैश्य 20 हजार।
चंदौसी (सुरक्षित) : गुलाब देवी, विधायक भाजपा
जातिगत आंकड़े : मुस्लिम करीब 85 हजार, जाटव, वाल्मीकि एवं अन्य अनुसूचित जातियां 80 हजार, वैश्य 35 हजार, खागी 30 हजार, सैनी 25 हजार, क्षत्रिय 20 हजार, पाल 16 हजार, ब्राह्मण 15 हजार, यादव 12 हजार, प्रजापति 10 हजार
