मुरादाबाद : नए चेहरों के हाथ में है बसपा की पतवार
आशुतोष मिश्र/मुरादाबाद,अमृत विचार। राजनीति में प्रयोग को लेकर चर्चा में रहने वाली बसपा नए चेहरों की बुनियाद पर चुनावी मैदान में दिखेगी। जिले में छह विधानसभा क्षेत्र हैं। वर्ष 2017 के चुनाव में पार्टी ने जिन लोगों को मौका दिया था, वे सभी इस समय पार्टी से अलग हैं। उधर केवल दो उम्मीदवारों का ऐलान …
आशुतोष मिश्र/मुरादाबाद,अमृत विचार। राजनीति में प्रयोग को लेकर चर्चा में रहने वाली बसपा नए चेहरों की बुनियाद पर चुनावी मैदान में दिखेगी। जिले में छह विधानसभा क्षेत्र हैं। वर्ष 2017 के चुनाव में पार्टी ने जिन लोगों को मौका दिया था, वे सभी इस समय पार्टी से अलग हैं। उधर केवल दो उम्मीदवारों का ऐलान हुआ है। 2017 के चुनाव में शहर सीट से उम्मीदवार रहे अतीक सैफी चुनाव हारने के बाद ही बसपा से अलग हो गए।
वह इस समय कांग्रेस में हैं और कभी बसपा में प्रभावी रहे नसीमुद्दीन सिद्धीकी के करीबी हैं। बसपा यहां तीसरे स्थान पर रही। अचानक देहात विधान सभा क्षेत्र के प्रत्याशी बनकर चुनावी मैदान में कूदे बबलू सैनी हारने के बाद राजनीति से गायब हो गए। वह इन दिनों व्यापारी अपहरण के मामले में जेल में बंद हैं। कुंदरकी सीट पर पार्टी ने हाल ही में राजनीति में कदम रखने वाले चांद बाबू मलिक को मौका दिया है। जबकि बीते चुनाव में यहां पार्टी के उम्मीदवार रहे पूर्व मंत्री हाजी अकबर इस समय सपा में हैं।
चुनाव में उन्हें तीसरे स्थान से ही संतोष करना पड़ा था। पार्टी ने उन्हें विभिन्न आरोपों में दल से बाहर का रास्ता दिखा दिया था। कभी वह बसपा का प्रभावी चेहरा थे। साल 2007 में बसपा सरकार के मंत्री बनाए गए थे। बिलारी सीट पर पार्टी के उम्मीदवार रहे ऋषिपाल सिंह अब भाजपा में हैं, जबकि रालोद उम्मीदवार के रूप में ताल ठोंकने वाले अनिल चौधरी को उम्मीदवार बनाया गया है। पहले जब चौधरी बसपा में थे तो इनकी पत्नी मंजू सिंह जिला पंचायत की अध्यक्ष रहीं।
अबकी पार्टी ने उन्हें बिलारी से अपना चेहरा बनाया है। कांठ से पार्टी के उम्मीदवार रहे हाजी नासिर सपा में शामिल हो गए हैं। वर्ष 2017 में दमखम के साथ चुनाव लड़ने वाले नासिर वर्ष 2012 का चुनाव देहात विधान सभा क्षेत्र से लड़े थे। किसी चुनाव में उन्हें सफलता नहीं मिली है। हालांकि पार्टी ने अभी कांठ से उम्मीदवार का ऐलान नहीं किया है। ठाकुरद्वारा सीट पर बीते चुनाव में पार्टी के उम्मीदवार रहे विजय यादव ने पाला बदल लिया है। विजय इस समय सपा में हैं। वर्ष 2007 के चुनाव में विजय ठाकुरद्वारा क्षेत्र से विधायक रहे। पार्टी ने शहर सहित चार सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान नहीं किया है। मगर यह बात पूरी तरह साफ हो गई कि 18वीं विधान सभा चुनाव में पार्टी नए चेहरों को लेकर मैदान में होगी।
