पेंच टाइगर रिजर्व में ‘सुपर मॉम’ बाघिन की मौत, जानें क्यों मिला था ये टाइटल…

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सिवनी। मध्यप्रदेश के प्रसिद्ध पेंच टाइगर रिजर्व में दो दर्जन से अधिक शावकों को जन्म दे चुकी और ‘सुपर मॉम’ के रूप में विख्यात बाघिन की मृत्यु हाे गयी है। सिवनी जिले में स्थित पेंच टाइगर रिजर्व में ”कॉलरवाली” के नाम से मशहूर बाघिन की मृत्यु शनिवार को हुयी। इसकी मृत्यु प्राकृतिक मानी जा रही …

सिवनी। मध्यप्रदेश के प्रसिद्ध पेंच टाइगर रिजर्व में दो दर्जन से अधिक शावकों को जन्म दे चुकी और ‘सुपर मॉम’ के रूप में विख्यात बाघिन की मृत्यु हाे गयी है। सिवनी जिले में स्थित पेंच टाइगर रिजर्व में ”कॉलरवाली” के नाम से मशहूर बाघिन की मृत्यु शनिवार को हुयी। इसकी मृत्यु प्राकृतिक मानी जा रही है, फिर भी वन विभाग का अमला इसकी जांच कर रहा है। बाघिन का आज यहां आवश्यक औपचारिकताओं के बाद वन में ही अंतिम संस्कार किया गया।

वन विभाग के सूत्रों के अनुसार यह बाघिन कर्माझिरी कोर क्षेत्र के भूरा दैत्य नाला के पास शुक्रवार को पर्यटकों को नजर आई थी। इसके बाद से पेंच राष्ट्रीय उद्यान और टाइगर रिजर्व के आला अधिकारी और वन्यप्राणी चिकित्सक बाघिन की लगातार निगरानी कर रहे थे। इसके बावजूद अचानक शनिवार को उसकी मृत्यु की सूचना आयी।

इस बाघिन को पेंच राष्ट्रीय उद्यान में मार्च 2008 में ‘कॉलर’ लगाया गया था। इसलिए इसे कॉलरवाली बाघिन कहा जाता था। इसके अलावा इसने 29 शावकों को जन्म दिया है। इसलिए इसे ‘सुपर मॉम’ भी नाम दिया गया। कालरवाली बाघिन ने साल 2008 से लेकर दिसंबर 2018 तक लगभग 10 सालों में 29 बाघ शावकों को जन्म दिया है।

‘पेंच की रानी’ के नाम से मशहूर यह कॉलरवाली बाघिन अब तक 8 बार शावकों को जन्म दे चुकी है, जो असामान्य माना जाता है। मई 2008 में बाघिन ने 3 शावकों को जन्म दिया था। इसके बाद अलग-अलग सालों में बाघिन ने कुल 29 शावकों को जन्म दिया है, जिसमें से 24 बाघ जीवित हैं।

बाघिन ने वर्ष 2009 में 4, वर्ष 2010 में 5, वर्ष 2012 व वर्ष 2013 में 3-3, वर्ष 2015 व 2016 में 4-4 व 2018 में एक बार फिर 3 शावकों को जन्म दिया था। एक साथ 5 शावकों को जन्म भी इस बाघिन ने दिया था, जो अपने आप में एक उपलब्धि मानी जाती है।

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