घर पर ही रहकर सावधानी बरतते हुए दें कोरोना को मात : डॉ. अनिल
झांसी। कोरोना की तीसरी लहर में संक्रमितों की बढ़ती संख्या के बीच लोगों में कोई खास लक्षण नहीं आने को देखते हुए स्वास्थ्य निदेशालय के दिशानिर्देशों के मद्देनजर उत्तर प्रदेश के झांसी मे मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनिल कुमार ने लोगों को पूरी तरह से सावधानी बरतते हुए घर पर ही रहकर कोरोना को मात …
झांसी। कोरोना की तीसरी लहर में संक्रमितों की बढ़ती संख्या के बीच लोगों में कोई खास लक्षण नहीं आने को देखते हुए स्वास्थ्य निदेशालय के दिशानिर्देशों के मद्देनजर उत्तर प्रदेश के झांसी मे मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनिल कुमार ने लोगों को पूरी तरह से सावधानी बरतते हुए घर पर ही रहकर कोरोना को मात देने की अपील की है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि स्वास्थ्य महानिदेशालय ने इस बार कोविड को मात देने के लिए समिति द्वारा निर्धारित दवाओं की सूची जारी करने के साथ ही कोरोना से निपटने के लिए की गईं तैयारियों और बरती जाने वाली सावधानियों का भी जिक्र किया है ।
पत्र के मुताबिक इंटीग्रेटेड कमांड व कंट्रोल सेंटर से होम आइसोलेशन के पात्र मरीजों के स्वास्थ्य की स्थिति की निरंतर निगरानी की जा रही है। किसी होम आइसोलेटेड मरीज के लक्षण युक्त हो जाने या उसे चिकित्सकीय सहायता की जरूरत होने पर इलाज की सुविधा मिल रही है।
इसके अलावा जन सामान्य को कोविड से बचाव के उपायों और प्रदेश में उपलब्ध कोविड की जांच व इलाज की उपलब्ध सेवाओं के बारे में अवगत कराया जा रहा है। चिकित्सीय सलाह की सुविधा पूरे समय के लिए उपलब्ध है। ई-संजीवनी एप के माध्यम से घर पर ही अनुभवी चिकित्सकों द्वारा मुफ्त कंसल्टेंसी की सुविधा दी जा रही है। सरकारी टीकाकरण केंद्रों पर मुफ्त कोविड टीकाकरण किया जा रहा है। नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों पर मुफ्त कोविड जांच और लक्षण युक्त व्यक्तियों के लिए उपचार की सुविधा मौजूद है।
विशेष परिस्थितियों में हेल्पलाइन नंबर- 1800-180-5145 और 104 नंबर की भी मदद ली जा सकती है। ध्यान देने वाली बात यह है कि यदि परिवार में कोई व्यक्ति कोविड पॉजिटिव है तो होम आइसोलेशन के नियमों का पालन करें और घर से बाहर न निकलें। इसके अलावा यदि खुद कोविड के लक्षणों से ग्रसित हैं तो खुद को परिवार के अन्य सदस्यों से दूर रखें और घर से बाहर न निकलें।
लगातार कई दिनों तक 101 डिग्री से अधिक का बुखार, सांस फूलने और सांस लेने में परेशानी होने, पल्स आक्सीमीटर से नापने पर आक्सीजन का स्तर 94 फीसद से कम आने पर और भ्रम की स्थिति उत्पन्न होने पर ही चिकित्सक की सलाह ली जाएं। बच्चों में बुखार, खांसी, जुकाम,उनका लगातार रोना ,दूध/खुराक लेना बंद कर देना, दस्त लगना, पसली चलना और निढाल पड जाना कोविड-19 के संक्रमण के लक्षण हैं। 12 वर्ष से अधिक के लोगों में बुखार, खांसी, जुकाम व थकावट, सिर दर्द व बदन दर्द, स्वाद या गंध की चेतना का चला जाना, बुखार के साथ दस्त या बुखार के साथ त्वचा पर चकत्ते आना संक्रमण के लक्षण हैं।
ऐसा होने पर हमेशा मास्क का इस्तेमाल करें,मास्क को ठीक तरह से पूरे मुंह व नाक को ढकते हुए लगाएं सोशल डिस्टेंसिंग (छह फुट की दूरी) का पालन करें, अनावश्यक घर से बाहर न निकलें,लक्षण आने पर खुद को परिवार के अन्य सदस्यों से अलग रखें और जांच कराएं बार-बार साबुन-पानी से अच्छी तरह से हाथों को धोते रहें और समय से कोविड टीकाकरण जरूर कराएं।
संक्रमण होने पर दवाओं के साथ साथ सांस संबंधी व्यायाम, योग व प्राणायाम दिन में 20 से 30 मिनट तक करें (सहज महसूस करने पर ही), दिन में तीन से चार बार श्वसन दर (रेस्परेटरी रेट) व आक्सीजन सेचुरेशन (पल्स आक्सीमीटर से) अवश्य नापें, यह 94 फीसद अथवा इससे अधिक होना चाहिए,पर्याप्त मात्रा में हल्का गर्म/गुनगुना पानी पियें और उच्च रक्तचाप व किसी पुरानी बीमारी का उपचार चल रहा है तो उसे डाक्टर के परामर्श से जारी रखें।
यह भी पढ़ें:-रायबरेली: आवास योजना का लाभ न मिलने से ठंड में कांप रहे गरीब, ये रही वजह…
