लखनऊ: कोरोना व ठंड के चलते सैलानियों को तरस रहा चिड़ियाघर, ये हो गई हालत…
लखनऊ। कोरोना महामारी के बढ़ते संक्रमण व कड़ाके की ठंड के बीच राजधानी के चिड़ियाघर के पशु-पक्षी सैलानियों के मोहताज हो गये हैं। जी हां, पिछले कुछ दिनों में चिड़ियाघर में पर्यटकों की संख्या में काफी कमी आई है। 50 प्रतिशत तक घटी टिकटों की बिक्री चिड़ियाघर के टिकट काउंटर के कर्मचारियों ने बताया कि …
लखनऊ। कोरोना महामारी के बढ़ते संक्रमण व कड़ाके की ठंड के बीच राजधानी के चिड़ियाघर के पशु-पक्षी सैलानियों के मोहताज हो गये हैं। जी हां, पिछले कुछ दिनों में चिड़ियाघर में पर्यटकों की संख्या में काफी कमी आई है।
50 प्रतिशत तक घटी टिकटों की बिक्री
चिड़ियाघर के टिकट काउंटर के कर्मचारियों ने बताया कि तापमान में गिरावट व कोरोना के भय के कारण इन दिनों टिकटों की बिक्री में 50 प्रतिशत तक की गिरावट हुई है। इसका एक कारण यह भी है कि ठंड अघिक होने के कारण पशु-पक्षी भी अपने बाड़े में बाहर नहीं निकल रहे हैं। हालांकि वीकेंड पर ठीक-ठाक भीड़ रहती है।
पड़ोस के दुकानदार भी परेशान
पर्यटकों के घटने से जू के आस-पास के दुकानदारों पर भी खासा असर पड़ा है। दुकानदारों का कहना है कि पर्यटकों की कमी से उनके सामानों की बिक्री नहीं हो पा रही है। जिसके घर की आर्थिक स्थिति दयनीय हो गई है।
हर साल आते हैं करीब 13 लाख पर्यटक
जानकारी हो कि 71 एकड़ में फैला यह प्राणि उद्यान राजधानी के पसंदीदा हैंगआउट में से एक है। यहां हर साल करीब 13 लाख पर्यटक आते हैं। इस प्राणि उद्यान में 102 प्रजातियों के 911 पशु-पक्षी निवास करते हैं।
जल्द ही नये नाम, कलेवर में दिखेगा चिड़ियाघर
नये साल 2022 में लखनऊ का चिड़ियाघर जल्द ही नये नाम, कलेवर में दिखेगा। दरअसल फैजाबाद व इलाहाबाद शहरों का नाम बदले जाने के बाद अब यूपी सरकार नवाब वाजिद अली शाह प्राणि उद्यान का नाम बदलने पर विचार कर रही है। कयास लगाए जा रहे हैं कि यह प्राणि उद्यान पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम समर्पित किया जा सकता है। कुछ समय पहले लखनऊ जू कॉन्क्लेव में पत्रकारों से बातचीत में वन मंत्री दारा सिंह चौहान ने इस बारे में पुष्टि भी की थी।
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