बरेली: पाइप लाइन बिछाने में गड़बड़ी की जीएम ने की जांच, सैंपल लिए
बरेली,अमृत विचार। वार्ड-78 सूफीटोला में पानी की पुरानी पाइप लाइन बिछी होने के बावजूद उसके पास दूसरी नई पाइप लाइन बिछाने और पाइप लाइन की गुणवत्ता पर सवाल उठने के बाद जलकल विभाग की टीम ने जांच शुरू कर दी है। बुधवार को महाप्रबंधक जलकल के साथ विभागीय टीम ने मौके पर पहुचंकर जांच की। …
बरेली,अमृत विचार। वार्ड-78 सूफीटोला में पानी की पुरानी पाइप लाइन बिछी होने के बावजूद उसके पास दूसरी नई पाइप लाइन बिछाने और पाइप लाइन की गुणवत्ता पर सवाल उठने के बाद जलकल विभाग की टीम ने जांच शुरू कर दी है। बुधवार को महाप्रबंधक जलकल के साथ विभागीय टीम ने मौके पर पहुचंकर जांच की। फिलहाल पाइप लाइन बिछाने के काम को बंद करा दिया है।
वार्ड में बिछाई जा रही पाइप लाइन की गुणवत्ता की जांच के लिए उसके सैंपल भी इकट्ठा किए गए हैं। महाप्रबंधक का कहना है कि पानी की पाइप लाइन बिछाए जाने में किसी तरह की गड़बड़ी नहीं होने दी जाएगी।
जलकल विभाग ने वार्ड-78 सूफीटोला में कई जगहों पर पानी की पाइप लाइन बिछाने के लिए करीब 1200 मीटर पानी की पाइप लाइन बिछाने का टेंडर लगभग सात लाख रुपये की लागत से प्रमोद सेनेटरी स्टोर नाम की फर्म को दिया गया है।
ठेकेदार ने काम शुरू कराया। करीब 900 मीटर पाइप लाइन बिछाने का काम पूरा भी कर लिया। इस बीच यह मामला सामने आया है कि जलकल विभाग की लापरवाही से ठेकेदार ने कई ऐसी जगहों पर पानी की नई लाइन बिछा दी, जहां पहले से ही पाइप लाइन थी और उससे लोगों के घरों के टंकी के कनेक्शन भी थे। लोगों का कहना है कि उनके यहां पानी की सही सप्लाई भी आ रही है।
वार्ड में डॉ. जाकिर हुसैन मेमोरियल स्कूल के पास जिस गली में पानी की पाइप लाइन को बिछाया जा रहा था, गड़बड़ी का यह मामला वहीं सामने आया। इसके बाद जलकल विभाग के महाप्रबंधक ने तत्काल नई पाइप लाइन के बिछाने का काम रुकवा दिया। वार्ड में पानी की पाइप लाइन बिछाने को लेकर मंडलायुक्त को यह शिकायत भी भेजी गई है कि सूफीटोला वार्ड में पाइप लाइन बिछाने में केवल डेढ़ फुट गहराई में खुदाई हो रही है। पाइप लाइन भी मानक के अनुसार नहीं है।
पाइप लाइन न्यूनतम 10 किलोग्राम प्रति घन सेंटीमीटर होनी चाहिए। जबकि इसके मानक का उल्लंघन किया जा रहा है। इसके अलावा जिन जगहों पर पहले से पाइप लाइन है, वहीं पर दोबारा पाइप लाइन बिछाकर बजट को बर्बाद किया जा रहा है। इस प्रकरण की जांच शुरू करते हुए बुधवार को जलकल विभाग के महाप्रबंधक राजेश कुमार यादव विभागीय टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने फिलहाल पाइप लाइन बिछाने के काम को रोक दिया है।
इसके अलावा बिछाई गई पाइप लाइन की गुणवत्ता की जांच के लिए पाइप के सैंपल भी इकट्ठा कर लिए गए हैं। मनमाने तरीके से पाइप लाइन बिछाने सहित मामलों की शिकायत की जांच शुरू होने पर ठेका लेने वाली फर्म निशाने पर आ गई है।
