अयोध्या: आस्था पर भारी पड़ा कोरोना, घटे श्रद्धालु, 20 हजार तक सिमटा दान

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अयोध्या। अयोध्या में कोरोना आस्था पर भारी पड़ गया है। संक्रमण के रफ्तार के साथ-साथ अयोध्या में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या दिन प्रतिदिन घटती जा रही है। रामलल व बजरंगबली के दर्शन करने वालों की संख्या घटकर हजारों में हो गई है। इससे पहले करीब 1 लाख दर्शनार्थी प्रतिदिन रामलला के दर्शन करने आते …

अयोध्या। अयोध्या में कोरोना आस्था पर भारी पड़ गया है। संक्रमण के रफ्तार के साथ-साथ अयोध्या में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या दिन प्रतिदिन घटती जा रही है। रामलल व बजरंगबली के दर्शन करने वालों की संख्या घटकर हजारों में हो गई है। इससे पहले करीब 1 लाख दर्शनार्थी प्रतिदिन रामलला के दर्शन करने आते थे। श्रद्धालुओं की संख्या कम होने से चढ़ावे में भी कमी आई है। पहले जहां एक लाख तक का दान आता था वह अब 20 हजार में सिमट गया है।

कोरोना संक्रमण का प्रकोप प्रदेश के साथ-साथ जनपद अयोध्या में भी तेजी से बढ़ रहा है। 24 घंटों में 117 कोरोना संक्रमित मरीज मिले हैं, जिसका असर राम नगरी पर भी पड़ रहा है। यहां की जिन गलियों में भक्तों का जनसैलाब उमड़ा रहता था वहां अब सन्नाटा पसरा हुआ है। सड़कों पर 1-2 श्रद्धालु ही दिखाई दे रहे हैं। सरयू तट पर भी सन्नाटा पसरा हुआ है। घाट पर रहने वाले पंडों को छोड़कर कोई यात्री यहां नहीं दिखाई दे रहा है।

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट कार्यालय के प्रभारी प्रकाश गुप्ता के मुताबिक रामलला के दर्शन के लिए प्रतिदिन औसतन करीब एक लाख श्रद्धालु पहुंचते थे। संक्रमण के कारण इस समय यह घटकर संख्या हजारों में हो गई है। प्रतिदिन करीब दो से 3 हजार लोग ही दर्शन कर रहे हैं। अयोध्या में रामलला और हनुमान लला का दर्शन करने शनिवार और रविवार को भारी भीड़ रहती है। प्रशासन को रूट डायवर्जन करना पड़ता है। भारी वाहनों का प्रवेश बंद करना पड़ता है।

बीते शनिवार और मंगलवार को इस बार यहां श्रद्धालुओं की भीड़ ही एकत्र नहीं हुई। कारोबारी किशन ने बताया की जब से संक्रमण शुरू हुआ है। तब से अयोध्या में आने वाले दर्शनार्थियों की संख्या दिन प्रतिदिन घटती जा रही। करीब 7 महीने बाद ऐसा हुआ कि मंगलवार और शनिवार को भक्तों की भीड़ नहीं दिखाई दी है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने बताया कि भक्तों की संख्या कम होने से चढ़ावे में कमी आई है। पहले प्रतिदिन 50000 से एक लाख तक का दान कार्यालय पर आता था। जो घटकर 20 हजार आस पास हो गई है।

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