लखनऊ: तंत्र-मंत्र के चक्कर में सरफराज ने की थी माता, पिता और भाई की हत्या…

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लखनऊ। इटौंजा थाना क्षेत्र में हुए तीहरे हत्याकांड में नया खुलासा हुआ है। तंत्र-मंत्र व जादू-टोने के चक्कर में ही सरफराज ने अपने पिता महमूद अली खां, मां दरक्षा और छोटे भाई सावेज की निर्मम हत्या कर दी थी। सरफराज की मानसिक स्थिति भी ठीक नहीं थी और उसे अपने परिवार को मौत के घाट …

लखनऊ। इटौंजा थाना क्षेत्र में हुए तीहरे हत्याकांड में नया खुलासा हुआ है। तंत्र-मंत्र व जादू-टोने के चक्कर में ही सरफराज ने अपने पिता महमूद अली खां, मां दरक्षा और छोटे भाई सावेज की निर्मम हत्या कर दी थी। सरफराज की मानसिक स्थिति भी ठीक नहीं थी और उसे अपने परिवार को मौत के घाट उतारने का कोई अफसोस भी नहीं है।

सरफराज ने संपत्ति की लालच में की थी अपनों की हत्या

ज्ञात हो कि विकास नगर सेक्टर-2 निवासी इंडियन ऑयल कंपनी के सेवानिवृत्त डिप्टी मैनेजर महमूद अली खां, उनकी पत्नी दरक्षा और छोटे बेटे शावेज की गला रेत कर हत्या कर शवों को अलग-अलग जगहों पर फेंक दिया गया था। पुलिस ने मामले में गत बुधवार मृतक महमूद अली खां के बड़े बेटे सरफराज नवाज खान को गिरफ्तार किया था। हत्याकांड के पीछे संपत्ति लालच की बात सामने आ रही थी।

भैंसाकुंड श्मसान में लाश जलाने वाले अनिल ने ही हत्या के लिए था उकसाया

पुलिस की पूछताछ में सरफराज ने बताया कि अनिल से छह माह पहले ही उसकी दोस्ती हुई थी। दरअसल माता-पिता के दोहरे व्यवहार के कारण वह काफी परेशान था। माता-पिता सावेज को प्यार करते थे और उसे हमेशा प्रताड़ित करते थे।

इसके कारण न तो वह अपने मन की नौकरी कर सकता, न अपने पसंद की लड़की के साथ शादी। वहीं सरफराज को लगता था कि उसके माता-पिता उसपर जादू-टोना कर रहे हैं। इसी के चलते वह इस वशीकरण मंत्र का तोड़ जानने के लिए भैंसाकुंड श्मसान घाट जाता था। जहां करीब 6 माह पूर्व उसकी मुलाकात वहां लाश जलाने वाले अनिल यादव से हुई थी। अनिल ने ही बताया था कि वशीकरण मंत्र को खत्म करने के लिए सभी परिजनों को एक साथ खत्म करना होगा।

नींद की दवा खिलाने के बाद अनिल से मंगवाया था श्मसान में लकड़ी काटने वाला बांका

पूछताछ में पता चला कि पांच जनवरी की रात खाने में नींद की गोलियां मिलाने के बाद जब सभी परिजन गहरी नींद में चले गये तो उनकी हत्या करने के लिए सरफराज को घर में कोई धारदार हथियार नहीं मिला। इसके बाद उसने अनिल को फोन करके श्मसान में लकड़ी काटने वाला बांका लाने को कहा। अनिल के बांका पहुंचाने के बाद सरफराज ने गहरी नींद में सोये हुए महमूद अली, दरक्षा व सावेज की एक झटके गर्दन धड़ से अलग कर दी।

पुलिस को गुमराह करने के लिए कार में शव लादकर अलग-अलग जगहों पर फेंका

हत्या करने के बाद सरफराज ने तीनों के शवों को गद्दों में लपेट कर घर की जेन कार में डिग्गी में भरा। इसके बाद पुलिस को गुमराह करने के लिए शवों को क्रमानुसार अलग-अलग जगहों पर फेंक दिया। वहीं 6 जनवरी को अपनी बहन को सावेज के मोबाइल से परिवार के कश्मीर घूमने जाने की झूठी कहानी सुना दी।

मनोचिकित्सक की मदद ले रही पुलिस

इटौंजा पुलिस सरफराज की कहानी सुनने के बाद मनोचिकित्सक की मदद ले रही है, ताकि सरफराज की मनोस्थिति के बारे में सही जानकारी मिल सके। फिलहाज सरफराज ने पुलिस को बताया है कि उसे इस कुकृत्य का कोई अफसोस नहीं है।

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