जूही चावला से 20 लाख रुपये अदालत खर्च वसूलने के लिए डीएसएलएसए ने किया उच्च न्यायालय का रुख

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नई दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को कहा कि वह 5जी प्रौद्योगिकी के खिलाफ एक मुकदमे को लेकर अदालत खर्च के तौर पर 20 लाख रुपये जमा करने के लिए अभिनेत्री जूही चावला और दो अन्य को जारी आदेश के क्रियान्वयन के लिए दिल्ली राज्य विधिक सेवाएं प्राधिकार (डीएसएलएसए) की याचिका पर तीन फरवरी …

नई दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को कहा कि वह 5जी प्रौद्योगिकी के खिलाफ एक मुकदमे को लेकर अदालत खर्च के तौर पर 20 लाख रुपये जमा करने के लिए अभिनेत्री जूही चावला और दो अन्य को जारी आदेश के क्रियान्वयन के लिए दिल्ली राज्य विधिक सेवाएं प्राधिकार (डीएसएलएसए) की याचिका पर तीन फरवरी को सुनवाई करेगा। बॉलीवुड अभिनेत्री के वकील ने न्यायमूर्ति अमित बंसल से कहा कि एकल न्यायाधीश के आदेश के खिलाफ अपील खंडपीठ में लंबित है, जिस पर 25 जनवरी को विचार किया जाएगा।

उन्होंने अदालत से क्रियान्वयन याचिका पर सुनवाई फिलहाल टालने का अनुरोध किया। डीएसएलएसए की ओर से पेश हुए वकील सौरभ कंसल ने दलील दी कि अदालत खर्च लगाने का आदेश पिछले साल जून में जारी किया गया था और इसका अनुपालन अभी होना है। उन्होंने दावा किया कि रकम जमा करने के लिए डीएसएलएसए के नोटिस भेजने के बाद ही एकल न्यायाधीश के आदेश के खिलाफ अपील दायर की गई है और खंडपीठ ने कोई स्थगन आदेश जारी नहीं किया है।

अदालत ने याचिका के क्रियान्वयन पर सुनवाई टालते हुए कहा, ”देखा जाए कि खंडपीठ के समक्ष क्या होता है। ” चावला और अन्य प्रतिवादियों की ओर से पेश हुए अधिवक्ता दीपक खोसला ने कहा कि एकल न्यायाधीश के पास अदालत खर्च लगाने का क्षेत्राधिकार नहीं है।

अधिवक्ता सौरभ कंसल और पल्लवी एस. कंसल के मार्फत दायर क्रियान्वयन याचिका में, डीएसएलएसए ने रकम की वसूली के लिए चल व अचल संपत्ति की कुर्की और बिक्री को लेकर वारंट जारी करने या चावला तथा अन्य की दीवानी कैद के लिए निर्देश जारी करने के संबंध में अदालत से सहयोग मांगा है। याचिका में कहा गया है, ”चावला और अन्य पर माननीय अदालत द्वारा अदालत खर्च लगाए सात महीने बीत गये हैं। जिसे (रकम) डीएसएलएसए को सात दिनों को अंदर अदा करने का निर्देश दिया गया था।

लेकिन वे लोग इसे जमा करने में नाकाम रहे हैं। ” उल्लेखनीय है कि पिछले साल जून में एकल न्यायाधीश ने चावला और दो अन्य लोगों द्वारा 5जी की शुरूआत के खिलाफ दायर वाद खारिज करते हुए कहा था कि यह त्रुटिपूर्ण और कानूनी प्रक्रिया का दुरूपयोग है तथा प्रचार पाने के लिए यह दायर किया गया है। अदालत ने इसके साथ ही, एक हफ्ते के अंदर डीएसएलएसए के पास अदालत खर्च के तौर पर 20 लाख रुपये जमा करने का भी निर्देश दिया था।

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