यूपी चुनाव 2022: पूर्व मंत्री अनुपमा जायसवाल पर भ्रष्टाचार का प्रहार, कार्यकता ने लगाए आरोप
बहराइच। सदर सीट से भाजपा की सीटिंग विधायक अनुपमा जायसवाल की डगर कठिन हो गई है। इन दिनों सोशल मीडिया पर भाजपा संगठन के वरिष्ठ कार्यकर्ता का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वे सदर विधायक अनुपमा जायसवाल व उनके पति पर करोड़ों के भ्रष्टाचार करने व कार्यकर्ताओं की उपेक्षा का खुलेआम आरोप लगा रहे …
बहराइच। सदर सीट से भाजपा की सीटिंग विधायक अनुपमा जायसवाल की डगर कठिन हो गई है। इन दिनों सोशल मीडिया पर भाजपा संगठन के वरिष्ठ कार्यकर्ता का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वे सदर विधायक अनुपमा जायसवाल व उनके पति पर करोड़ों के भ्रष्टाचार करने व कार्यकर्ताओं की उपेक्षा का खुलेआम आरोप लगा रहे हैं। चुनाव के ऐन वक्त पर वायरल हो रहा वीडियों सपा, बसपा व कांग्रेस के लिए संजीवनी से कम नहीं है। इस वीडियो को विपक्षी पार्टियां हथियार बनाकर जनता के बीच रखने की तैयारी कर रह रही हैं।
सदर सीट पर 23 सालों तक सपा का कब्जा रहा। यहां से सपा के डाॅ वकार अहमद शाह पांच बार विधायक चुने गए थे। 2017 में इस सीट पर सपा ने उनकी पत्नी व पूर्व सांसद रूवाब सईदा का मैदान में उतारा था। तब भाजपा ने संगठन की सक्रिय सदस्य रही अनुपमा जायसवाल पर भरोसा जताया था। कांटे के मुकाबले में उन्होंने जीत दर्ज की। इस जीत का संदेश न केवल जिले, प्रदेश बल्कि भाजपा के राष्टीय नेतृत्व तक पहुंचा।
योगी मंत्रिमंडल में उन्हें जगह मिली। बेसिक शिक्षा विभाग के साथ बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग मिला, लेकिन बाल विकास विभाग में टेंडर को लेकर हुई अनियमितता के बाद उनसे मंत्रालय छीन लिया गया। कुछ माह बाद मंत्रीपद से भी हटा दिया गया। अब तक मामला दबा रहा, लेकिन चुनाव के तरीखों की घोषणा होती ही मुददा विपक्षी के बजाए पार्टी में मुखर हो गया। भाजपा संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी रामउदार मिश्र ने वीडियो जारी कर विधायक व उनके पति पर 36 करोड़ रुपए का घोटाला करने, कार्यकर्ताओं से धन उगाही व उनकी उपेक्षा का आरोप लगाया है।
24 घंटे में यह वीडिया इतनी तेजी से वायरल हुआ कि प्रदेश व राष्टीय नेतृत्व ने भी इसे संज्ञान ले लिया। विधायक भले ही भितरघातियों पर बदनाम करने व विपक्षियों से मिलकर सांठगांठ करने का आरोप लगा रही हों, लेकिन यह सच है कि इसका खामियाजा चुनाव भाजपा को होता दिख रहा है तो विपक्षी पार्टियां इसे भुनाने में लग गई हैं।
मोहल्लों में बहिष्कार का लगा पोस्टर
ऐसा नहीं कि संगठन में ही सीटिंग विधायक का विरोध बढ़ा है, बल्कि जनता भी उन पर उपेक्षा का आरोप लगा रही है। आठ जनवरी को मुहल्ला घसियारीपुर के लोगों ने विधायक का पोस्टर लगाकर काम नही ंतो वोट नहीं का नारा लगाया। अब प्रदेश संगठन उहापोह की स्थिति में दिख रहा है।
सदर सीटर पर कई कतार में टिकटधारी
सदर विधानसभा सीट पर भाजपा के कई चेहरे उतरने को लाइन में लगे हुए हैं। पूर्व जिलाध्यक्ष गुलाबचंद्र शुक्ल, अरुणवीर सिंह, हरिश्चद्र गुप्त, राम किशोर गुप्त मुख्य रूप से सदर सीट से टिकट के दावेदारों में शामिल हैं।
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