आर्थिक समीक्षा एक खंड में आने की संभावना, नौ प्रतिशत रह सकता है वृद्धि दर का अनुमान

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नई दिल्ली। वित्त मंत्रालय वर्ष 2021-22 की आर्थिक समीक्षा (इकनॉमिक सर्वे) को एक खंड में जारी कर सकता है और इसमें अगले वित्त वर्ष के लिए लगभग नौ प्रतिशत की वृद्धि दर का अनुमान जताया जा सकता है। आम बजट से पहले वित्त मंत्री द्वारा संसद में पेश किए जाने वाली समीक्षा को मुख्य आर्थिक …

नई दिल्ली। वित्त मंत्रालय वर्ष 2021-22 की आर्थिक समीक्षा (इकनॉमिक सर्वे) को एक खंड में जारी कर सकता है और इसमें अगले वित्त वर्ष के लिए लगभग नौ प्रतिशत की वृद्धि दर का अनुमान जताया जा सकता है। आम बजट से पहले वित्त मंत्री द्वारा संसद में पेश किए जाने वाली समीक्षा को मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) की अनुपस्थिति में प्रधान आर्थिक सलाहकार और अन्य अधिकारी तैयार कर रहे हैं।

परंपरागत रूप से इस दस्तावेज को सीईए की अगुवाई में तैयार किया जाता है। हालांकि, जुलाई 2014 में नरेंद्र मोदी सरकार की पहली आर्थिक समीक्षा को वरिष्ठ आर्थिक सलाहकार इला पटनायक ने तैयार किया था और इसे तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली ने संसद में पेश किया था। भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर के रूप में रघुराम राजन की नियुक्ति के बाद उस समय सीईए का पद खाली था। बाद में अरविंद सुब्रमण्यम अक्टूबर, 2014 में सीईए नियुक्त हुए। केवी सुब्रमण्यम ने पिछले साल छह दिसंबर को सीईए के रूप में अपना तीन साल का कार्यकाल पूरा किया।

सरकार ने सीईए को नियुक्त करने की प्रक्रिया पहले ही शुरू कर दी है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) के अनुमानों के मुताबिक, अर्थव्यवस्था के चालू वित्त वर्ष के दौरान 9.2 प्रतिशत की दर से बढ़ने की उम्मीद है। रिजर्व बैंक ने 9.5 प्रतिशत वृद्धि दर का अनुमान जताया है। विशेषज्ञों ने आधार प्रभाव का हवाला देते हुए कहा कि अगले वित्त वर्ष के लिए समीक्षा में लगभग नौ प्रतिशत की वृद्धि दर का अनुमान जताया जा सकता है।

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