अयोध्या: नेताजी दूर से मांगें वोट, नहीं मिलाना है वोटर से हाथ, मास्क भी जरूरी
अयोध्या। विधानसभा चुनाव को लेकर चुनाव आयोग की ओर से 31 जनवरी तक रैली और सभाओं पर प्रतिबंध के आदेश के साथ संशोधित गाइड लाइन जारी की गई है। अब पांच की जगह दस लोगों के साथ जनसंपर्क की इजाजत दी गई है, लेकिन सोशल डिस्टेंसिंग और वोटरों से हाथ न मिलाने को भी कहा …
अयोध्या। विधानसभा चुनाव को लेकर चुनाव आयोग की ओर से 31 जनवरी तक रैली और सभाओं पर प्रतिबंध के आदेश के साथ संशोधित गाइड लाइन जारी की गई है। अब पांच की जगह दस लोगों के साथ जनसंपर्क की इजाजत दी गई है, लेकिन सोशल डिस्टेंसिंग और वोटरों से हाथ न मिलाने को भी कहा गया है।
संशोधित गाइड लाइन के मुताबिक प्रत्याशी और उनके साथ जनसंपर्क कर रहे कार्यकर्ताओं को मास्क अनिवार्य किया गया है।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी एडीएम प्रशासन अमित सिंह ने संशोधित गाइड लाइन की पुष्टि की है। उन्होंने बताया बताया है कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा केन्द्रीय स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार के निर्णय के बाद कोविड महामारी की वर्तमान व अनुमानित स्थिति, वैक्सीनेशन आदि बिंदुओं पर विचारोपरान्त निर्देश दिये गये हैं कि आगामी 31 जनवरी तक रोड शो, पद-यात्रा, साइकिल ,बाइक, वाहन रैली तथा जुलूस प्रतिबन्धित रहेंगे।
इसके साथ ही राजनीतिक दलों व निर्वाचन लड़ने वाले उम्मीदवारों को अधिकतम 500 व्यक्तियों या मैदान की क्षमता के 50 प्रतिशत के साथ राज्य आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण द्वारा नियत सीमा, जो कम हो, तक भौतिक रूप से मीटिंग्स की अनुमति प्रदान की गई है। अब आयोग द्वारा डोर-टू-डोर कैम्पेन की सीमा में वृद्धि कर दी गई है। अब डोर-टू-डोर कैम्पेन के तहत 5 व्यक्तियों के स्थान पर 10 व्यक्तियों के साथ (सुरक्षा कर्मियों को छोड़कर) प्रचार किया जा सकता है।
वीडियो वैन के साथ खुली जगह में कोविड मानकों का अनुसरण करते हुए, जगह की क्षमता का 50 प्रतिशत अथवा 500 व्यक्ति अथवा राज्य आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण द्वारा नियत सीमा, जो कम हो, प्रचार-प्रसार किया जा सकता है बशर्ते जन साधारण को और ट्रैफिक के आवागमन के सम्बन्ध में कोई असुविधा न हो।
आयोग द्वारा राजनीतिक दलों के लिए अधिकतम 300 व्यक्तियों अथवा हाल की क्षमता के 50 प्रतिशत अथवा राज्य आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण द्वारा अनुमन्य सीमा के अंतर्गत इनडोर मीटिंग की अनुमति पूर्व में ही प्रदान की जा चुकी है, जो जारी रहेगी। आयोग ने राजनीतिक दलों से कोविड अनुरूप व्यवहार व निर्वाचन सम्बन्धी समस्त गतिविधियों के दौरान आदर्श आचार संहिता के समस्त निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित कराये जाने की अपेक्षा की है।
अब जिला निर्वाचन अधिकारी का दायित्व होगा कि वे अपने क्षेत्र में खुले मैदानों का चिन्हांकन सुनिश्चित कर प्रचार-प्रसार हेतु उन्हें पूर्व से ही नोटीफाई कर दें। आयोग द्वारा यह भी अवगत कराया गया है कि आठ जनवरी को निर्गत पुनरीक्षित विस्तृत गाइडलाइन्स यथावत लागू रहेंगी।
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