अयोध्या: मजिस्ट्रेट ने परीक्षा देने से रोका तो महिला ने सेंटर पर किया हंगामा, जानें वजह
अयोध्या। पहली पाली में अध्यापक पात्रता परीक्षा (टीईटी) देने आई महिला ने परीक्षा केंद्र पर जमकर हंगामा काटा। मजिस्ट्रेट ने सेंटर में घुसने ही नहीं दिया। इसके बाद केंद्र के बाहर महिला और उसका पति अधिकारियों के सामने खूब गिड़गिड़ाया, लेकिन उसे परीक्षा देने की अनुमति नहीं दी गई। आरोप है कि इस बीच पुलिस …
अयोध्या। पहली पाली में अध्यापक पात्रता परीक्षा (टीईटी) देने आई महिला ने परीक्षा केंद्र पर जमकर हंगामा काटा। मजिस्ट्रेट ने सेंटर में घुसने ही नहीं दिया। इसके बाद केंद्र के बाहर महिला और उसका पति अधिकारियों के सामने खूब गिड़गिड़ाया, लेकिन उसे परीक्षा देने की अनुमति नहीं दी गई। आरोप है कि इस बीच पुलिस वालों ने महिला के पति के साथ अभद्रता भी की।
सहादतगंज निवासी अभिनव श्रीवास्तव ने बताया कि वह खुद पेशे से एक शिक्षक हैं। वह अपनी पत्नी सरिता को टीईटी दिलवाने कनौसा गर्ल्स कॉलेज में पहुंचे थे। इस दौरान मजिस्ट्रेट आलोक त्रिपाठी ने सरिता की मार्क्सशीट को गलत बताते हुए कहा कि इसके प्रप्तांक में छेड़खानी की गई है। यह कहते हुए सरिता को परीक्षा केंद्र में नहीं घुसने दिया। इसके बाद सरिता व उसके पति ने अफसरों से काफी मिन्नतें की, लेकिन वह नहीं माने। अभिनव का आरोप है कि पुलिस ने उनके साथ काफी अभद्रता की और कपड़े फाड़ दिए।

अभिनव ने बताया कि पुलिस ने कहा कि अगर ज्यादा चीख-पुकार मचाओगे तो विभिन्न धाराओं में जेल में डाल दूंगा। इसके बाद दोनों पति-पत्नी घर को लौट आए। अभिनव ने बताया कि उसकी पत्नी ने 2013 में खजुराहट के विराट डिग्री कॉलेज से बीएड किया था। मार्क्सशीट खो जाने के बाद दूसरी बनवाई गई थी, जिससे सीटेट का पेपर भी दिया था, लेकिन मजिस्ट्रेट ने आज पेपर नहीं देने दिया।
थाना कैंट प्रभारी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि महिला की मार्क्सशीट में छेड़खानी हुई थी। इसलिए उसे पेपर देने से मना किया गया था। उसके पति द्वारा लगाया गया अभद्रता का आरोप पूरी तरह निराधार है। परीक्षा केंद्र पर महिला के हंगामे वाली वीडियो पूरे दिन वायरल होती रही। वहीं दो दिन से हो रही बरसात के कारण कई अभ्यर्थी अध्यापक पात्रता परीक्षा देने से वंचित रह गए। कुछ तो लापरवाही के कारण ही सेंटर पर नहीं पहुंच पाए थे।
पहली पाली में मैथ का सेक्शन देख चकराया सिर
मवई से अयोध्या में फर्स्ट मींटिंग में पेपर देने आए दुर्गेश ने बताया कि इस बार पेपर काफी टफ था। मैथ सेक्शन में सवालों ने काफी देर तक उलझाए रखा। पिछली बार पेपर ईजी आया था, लेकिन लीक हो जाने की वजह से कैंसिल हो गया था। बीकापुर निवासी कोमल पांडे भी सेकेंड मीटिंग में पेपर देने आई थीं। उन्होंने बताया कि इस बार का पेपर कठिन आया था। अभिषेक ने बताया कि बाल विकास के प्रश्न को करने में काफी कठिनाइयां आईं। संस्कृत का मैटर भी टफ आया था।
4,441 ने नहीं दी परीक्षा
जनपद में 50 केंद्रों पर दो पालियों में टीईटी हुई। 46,646 अभ्यर्थियों को परीक्षा देनी थी, लेकिन कुल 44,166 अभ्यार्थियों ने ही दोनों पालियों में परीक्षा दी थी। पहली पाली में 10 से 12 बजे तक 27,205 अभ्यार्थियों को परीक्षा देनी थी, लेकिन 24,725 ने ही परीक्षा दी। 2480 अभ्यर्थी शामिल नहीं हो सके। वहीं दूसरी पाली में 19,441 अभ्यार्थियों में से 17,480 ने ही परीक्षा दी थी। 1961 अभ्यार्थी अनुपस्थित रहे। जिला विद्यालय निरीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि फिलहाल किसी प्रकार की कोई गड़बड़ी नहीं मिली है। परीक्षा सकुशल करा ली गई है।
बसों से फ्री में पहुंचे अभ्यर्थी, ट्रेन से भी आए स्टूडेंट
जिले में टीईटी देने के लिए अभ्यर्थी शनिवार देर शाम से ही अयोध्या पहुंचने लगे थे। कुछ तो बस से कुछ ट्रेन से पहुंचे। इस बार अभ्यार्थियों के लिए सरकारी बसों से आने जाने की सुविधा निशुल्क की गई थी। इसके लिए अभ्यार्थियों को प्रवेश पत्र की बस कंडक्टर को फोटो कॉपी देनी पड़ती थी। रविवार सुबह भी कई अभ्यार्थी ट्रेन से अयोध्या पेपर देने पहुंचे। शाम को पेपर छूटने के बाद बस अडड्े व रेलवे स्टेशन पर अभ्यार्थियों की काफी भीड़ देखी गई।
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