अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा उत्तर कोरिया, दो क्रूज मिसाइल का किया परीक्षण
सियोल। उत्तर कोरिया ने अमेरिका के साथ परमाणु वार्ता लंबे समय से ठप होने और कोरोना वायरस वैश्विक महामारी संबंधी मुश्किलों के बीच अपनी सैन्य ताकत का प्रदर्शन करने के लिए दो संदिग्ध क्रूज मिसाइल का मंगलवार को परीक्षण किया, जो इस महीने में उत्तर कोरिया का पांचवां हथियार परीक्षण है। दक्षिण कोरिया के सैन्य …
सियोल। उत्तर कोरिया ने अमेरिका के साथ परमाणु वार्ता लंबे समय से ठप होने और कोरोना वायरस वैश्विक महामारी संबंधी मुश्किलों के बीच अपनी सैन्य ताकत का प्रदर्शन करने के लिए दो संदिग्ध क्रूज मिसाइल का मंगलवार को परीक्षण किया, जो इस महीने में उत्तर कोरिया का पांचवां हथियार परीक्षण है।
दक्षिण कोरिया के सैन्य अधिकारियों ने यह जानकारी दी। एक अधिकारी ने विभागीय नियमों का हवाला देकर अपना नाम गोपनीय रखे जाने की शर्त पर कहा कि दक्षिण कोरिया और अमेरिका के खुफिया अधिकारी इन प्रक्षेपणों का विश्लेषण कर रहे हैं, लेकिन उन्होंने विस्तार से जानकारी उपलब्ध नहीं कराई। एक अन्य अधिकारी ने अपनी पहचान गोपनीय रखने की शर्त पर कहा कि किसी अंदरूनी इलाके से परीक्षण किए गए, लेकिन उन्होंने स्पष्ट रूप से नहीं बताया कि ये हमले कहां से किए गए थे।
उत्तर कोरिया ने हाल के महीनों में कई नई मिसाइलों का परीक्षण किया है। कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन रियायतें पाने के लिए बातचीत से पहले अपने पड़ोसियों तथा अमेरिका पर मिसाइल प्रक्षेपण और अन्य खतरों के माध्यम से दबाव डालने की कोशिश कर रहे हैं। सियोल स्थित ‘यूनिवर्सिटी ऑफ नॉर्थ कोरियन स्टडीज’ के प्रोफेसर किम डोंग युब ने कहा कि उत्तर कोरिया ने सितंबर में पहली बार लंबी दूरी की एक क्रूज मिसाइल का परीक्षण किया था और उसके बाद उठाए गए कदम के तहत मंगलवार को परीक्षण किया गया होगा।
सरकारी मीडिया ने सितंबर में कहा था कि उत्तर कोरिया ने प्रक्षेपण ट्रकों से मिसाइल दागीं, जो 1,500 किलोमीटर दूर स्थित लक्ष्य पर मार करने की क्षमता रखती हैं। उत्तर कोरिया ने इन मिसाइल को ”बेहद महत्वपूर्ण सामरिक हथियार” बताया। इसका मतलब यह है कि ऐसी मिसाइलें विकसित करने के पीछे उसका इरादा सेना को परमाणु हथियारों से लैस करना है।
