बरेली: पंचायत भवन के निर्माण में लापरवाही बरतने पर होगी कार्रवाई
बरेली। जिले में 723 पंचायत भवनों का निर्माण चल रहा है। करीब तीन सौ पंचायत भवन बनकर तैयार हो गए हैं। शेष की रफ्तार काफी धीमी है। डीपीआरओ ने ऐसी ग्राम पंचायतों की सूची जिम्मेदारों से तलब की है। कार्य के प्रति ढिलाई बरतने वाले जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों की हर समस्या …
बरेली। जिले में 723 पंचायत भवनों का निर्माण चल रहा है। करीब तीन सौ पंचायत भवन बनकर तैयार हो गए हैं। शेष की रफ्तार काफी धीमी है। डीपीआरओ ने ऐसी ग्राम पंचायतों की सूची जिम्मेदारों से तलब की है। कार्य के प्रति ढिलाई बरतने वाले जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों की हर समस्या का समाधान गांव में हो, इसके लिए पंचायत भवनों का निर्माण कराया जा रहा है। पिछले छह माह में करीब 310 पंचायत भवन बन चुके हैं। शेष में निर्माण कार्य अधूरा है। जबकि, जिलाधिकारी ने जनवरी में भवनों का निर्माण कार्य पूरा करने के निर्देश दिये थे। बावजूद लापरवाही बरती जा रही है।
डीपीआरओ ने एडीओ पंचायत को भवनों के निर्माण कार्य में लापरवाही बरतने वाले लोगों की सूची बनाकर उनके समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। सूची मिलने के बाद संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। डीपीआरओ धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि लापरवाह लोगों की सूची तलब की गई है। उनके कार्य में देरी होने का कारण स्पष्ट कराते हुए लिखित स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।
पंचायत भवन बनने से ये होंगे फायदे
पंचायत भवन बनने के बाद लेखपाल, ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव, एएनएम उसमें ही बैठेंगे। पहले ग्रामीणों को अपनी समस्याओं का निस्तारण करने के लिए ब्लाक, तहसील व जिला मुख्यालय तक के चक्कर लगाने पड़ते थे। पंचायत भवन में जिम्मेदारों के बैठने के बाद उनकी समस्या का गांव में ही निस्तारण हो जाएगा।
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