रायबरेली: कांग्रेस की बढ़ी मुश्किलें, पूर्व विधायक ने चुनाव लड़ने से किया इंकार
रायबरेली। विधानसभा के चुनावी समर में कांग्रेस की मुश्किल खत्म नहीं हो रही हैं। पार्टी को टिकट के लिए उम्मीदवार नहीं मिल रहे हैं। हाल यह है कि सरेनी सीट से कांग्रेस के टिकट के दावेदार पूर्व विधायक अशोक कुमार सिंह ने सरेनी विधानसभा से चुनाव लड़ने से इंकार कर दिया है। इस संबंध में …
रायबरेली। विधानसभा के चुनावी समर में कांग्रेस की मुश्किल खत्म नहीं हो रही हैं। पार्टी को टिकट के लिए उम्मीदवार नहीं मिल रहे हैं। हाल यह है कि सरेनी सीट से कांग्रेस के टिकट के दावेदार पूर्व विधायक अशोक कुमार सिंह ने सरेनी विधानसभा से चुनाव लड़ने से इंकार कर दिया है। इस संबंध में एक पत्र कांग्रे़स अध्यक्ष सोनिया गांधी को भेजा गया है। पत्र ने कांग्रेसियों में हड़कंप मचा दिया है।
2017 के विधानसभा चुनाव में चौथे स्थान पर रहे अशोक सिंह सरेनी विधिनसभा से पिछले 20 सालों से चुनाव लड़ते रहे हैं। 2007 में कांग्रेस से विधायक रहे। इस बार के चुनाव में भी वह कांग्रेस के प्रमुख दावेदार हैं लेकिन अचानक अशोक सिंह ने चुनाव लड़ने से इंकार कर खलबली मचा दी है।
सोनिया गांधी को भेजे गए पत्र में पूर्व विधायक अशोक सिंह ने कहा है कि उन्होंने पार्टी के लिए पूरे मनोयोग से काम किया है। लेकिन पार्टी में उपेक्षा के चलते 2022 का विधानसभा चुनाव नहीं लड़ना चाहते हैं। वहीं समर्थक अब उनके अगले कदम का इंतजार कर रहे हैं।
सरेनी विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक अशोक कुमार सिंह कांग्रेस की टिकट के प्रबल दावेदार हैं। वह कांग्रेसी विधायक भी रह चुके हैं। एक हफ्ते पूर्व तक वह लगातार क्षेत्र में सक्त्रिस्य थे। लोगों से मिलकर अपने पक्ष में समर्थन मांग रहे थे, लेकिन अब उनके एक पत्र ने पूरे इलाके और पार्टी में हड़कंप मचा दिया है। पूर्व विधायक ने अपने फेसबुक पेज पर एक पत्र पोस्ट किया है।
पत्र में लिखा है कि उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में पार्टी के लिए पूरे मनोयोग से काम किया है। लेकिन घोर उपेक्षा के चलते वह इस बार विधानसभा का चुनाव नहीं लड़ पाएंगे।
उनके इस फेसबुक पोस्ट पर दर्जनों समर्थकों ने अपने विचार साझा किए हैं। समर्थकों को अब उनके अगले कदम का इंतजार है। सनद रहे कि अशोक कुमार सिंह दिग्गज कांग्रेसी नेताओं में शुमार किए जाते हैं। सरेनी विधानसभा क्षेत्र के वह प्रमुख दावेदार थे। इसके लिए वह तैयारी भी कर रहे थे।
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