मुरादाबाद : युवती ने जिला अस्पताल से सड़क तक किया हंगामा, हड़कंप

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मुरादाबाद, अमृत विचार। शुक्रवार सुबह एक युवती ने जिला अस्पताल में जमकर हंगामा किया। इससे मरीजों और तीमारदारों में हड़कंप मच गया। उसने अलाव की जलती लकड़ी से कई तीमारदारों को जलाने का प्रयास किया। इमरजेंसी के बाहर मरीजों से मारपीट की और अस्पताल में तोड़फोड़ भी की। इसके बाद वह सड़क पर पहुंच गई …

मुरादाबाद, अमृत विचार। शुक्रवार सुबह एक युवती ने जिला अस्पताल में जमकर हंगामा किया। इससे मरीजों और तीमारदारों में हड़कंप मच गया। उसने अलाव की जलती लकड़ी से कई तीमारदारों को जलाने का प्रयास किया। इमरजेंसी के बाहर मरीजों से मारपीट की और अस्पताल में तोड़फोड़ भी की। इसके बाद वह सड़क पर पहुंच गई और महिला थाने के सामने लगी बैरीकेडिंग को सड़क पर गिरा दिया। इससे वाहनों के पहिए रुक गए। बाद में महिला थाने की पुलिस उसे थाने ले गई। युवती मानसिक रूप से कमजोर बताई जा रही है। अस्पताल प्रशासन ने मामले की सूचना सिविल लाइंस पुलिस को दे दी है।

शुक्रवार सुबह जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में करीब 25 वर्षीया युवती घुस आई। उसने वार्ड में तोड़फोड़ शुरू कर दी। शोर मचाते हुए वहां रखा सामान फेंकना शुरू कर दिया। इससे इमरजेंसी वार्ड में हड़कंप मच गया। ड्यूटी पर तैनात होमगार्डों ने किसी तरह उसे बाहर निकाला तो वह गेट पर हंगामा करने लगी। अचानक उसने अलाव से जलती लकड़ी उठाई और मरीजों और तीमारदारों के पीछे दौड़ने लगी। युवती का यह रूप देख इमरजेंसी गेट पर अफरा-तफरी मच गई। तीमारदार और मरीज इधर-उधर भागने लगे। इस दौरान उसने कई तीमारदारों पर अलाव की जलती लकड़ी फेंक दी। गनीमत रही कि कोई बड़ी घटना नहीं हुई। हंगामा देख वार्डों में मौजूद तीमारदार और अपने कक्ष से चिकित्सक भी बाहर आ गए। मौके पर मौजूद होमगार्ड ने रोकने का प्रयास किया तो युवती मारपीट पर उतारू हो गई।

इस दौरान उसने जलती लकड़ी से खुद को भी जलाने का प्रयास किया। अलाव को बिखेर दिया और नालियों से कीचड़ निकालकर सड़क पर फैला दी। रोकने का प्रयास करने वालों पर कीचड़ फेंकने लगी। करीब घंटे भर तक इमरजेंसी गेट पर हंगामा करने के बाद वह खुद ही ओपीडी की ओर चली गई। वहां भी उसने मरीजों व तीमारदारों को दौड़ा लिया। इतना ही नहीं महिलाओं की गोद से बच्चों को छीनने का प्रयास भी किया। यह देख महिलाएं चीखते हुए इधर-उधर भागने लगीं। अफरातफरी का माहौल पैदा हो गया। इसी दौरान उसने अस्पताल से जा रही एंबलेंस का रास्ता भी रोक लिया। बड़ी मुश्किल से वह एंबुलेंस के सामने से हटी।

जिला अस्पताल की इमरजेंसी में मौजूद डॉ. एके सिंह ने बताया कि घंटों तक हंगामा करने वाली युवती ने अलाव के पास आग ताप रहे कुत्ते के बच्चे को भी जलती आग में फेंक दिया था। मौके पर मौजूद तीमारदारों ने किसी तरह उसकी जान बचाई। इसके बाद वहां से महिला थाने के सामने पहुंच गई और पुलिस के बेरिकेड्स सड़क पर गिरा दिए। इससे वहां पर जाम लग गया। इस पर महिला पुलिस मौके पर पहुंची और उसे थाने ले गई। युवती मानसिक रूप से कमजोर बताई जा रही है।

अस्पताल की सूचना पर पुलिस ने नहीं दिया ध्यान
अस्पताल में युवती द्वारा किए जा रहे हंगामे से अफरातफरी का माहौल पैदा हो गया था। महिलाओं में भगदड़ भी मच गई थी। जो भी उसे रोकने का प्रयास करता, उसके हमले का शिकार हो जाता। उसके तेवर देख किसी का साहस उसे रोकने का नहीं हो पा रहा था। इस बीच अस्पताल प्रशासन ने सिविल लाइंस पुलिस को लिखित सूचना देकर दो महिला पुलिसकर्मी भेजने की व्यवस्था करने को भी कहा। मगर पुलिस ने सूचना को रिसीव करने से ही इनकार कर दिया।

पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
जिला अस्पताल में युवती द्वारा हंगामा करने की यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कई बार युवतियां हंगामा कर चुकी हैं। एक युवती तो करीब हर महीने ही जिला अस्पताल में आकर हंगामा करती है। बीते साल कुछ और घटनाएं भी यहां हो चुकी हैं। इसको लेकर जिला अस्पताल प्रशासन द्वारा हर बार जिला अस्पताल प्रशासन द्वारा सुरक्षा व्यवस्था के साथ महिला होमगार्ड तैनात करने की मांग की जाती है मगर इस पर ध्यान नहीं दिया जाता।

मरीजों और तीमारदारों पर जलती लकड़ी से किया हमला
इमरजेंसी मेडिकल आफिसर डॉ. एके सिंह ने बताया कि करीब 25 वर्षीय युवती शुक्रवार सुबह अचानक इमरजेंसी वार्ड में घुस आई थी। वहां उसने तोड़फोड़ की तो गेट पर तैनात होमगार्डों ने उसे किसी तरह बाहर निकाल दिया। इसके बाद उसने इमरजेंसी गेट पर हंगामा शुरू कर दिया। मरीजों और तीमारदारों पर जलती लकड़ी से हमला कर दिया। सिविल लाइंस पुलिस को लिखित सूचना देकर महिला होमगार्ड की व्यवस्था करने को कहा गया है।

आंबेडकर पार्क के सामने भी अधेड़ ने किया हंगामा
शुक्रवार को खाकी वर्दी पहने एक अधेड़ ने भी आंबेडकर पार्क के सामने जमकर हंगामा किया। पुलिस की पी कैप लगाए अधेड़ के हाथ में पुलिस का डंडा था। वह शोर मचाते हुए बीच सड़क पर डंडा घुमाने लगा। यह देख उधर से गुजरने वाले वाहन चालक हड़बड़ा गए। काफी देर तक बीच सड़क पर उसका तमाशा चलता रहा। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि अधेड़ मानसिक रूप से बीमार है। वह अक्सर खाकी वर्दी पहनकर हाथ में डंडा लेकर सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में घूमता रहता है। जहां उसका मन होता है, वहां ही खड़ा होकर डंडा घुमाने लगता है।

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