यूपी चुनाव: सपा के वीरू भैया और प्रसपा की दीपमाला ने छोड़ी पार्टी
झांसी। उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव में अपने अपने समीकरण बैठाते हुए नेताओं के बीच दल बदल की प्रक्रिया तेज हो गयी है और इसी क्रम में आज समाजवादी पार्टी (सपा) और उनकी सहयोगी प्रगतिशील समाजवार्दी पार्टी (प्रसपा) को बुंदेलखंड में उस समय जोरदार झटका लगा जब उसके नेता वीरेंद्र प्रताप सिंह (सपा)और प्रसपा …
झांसी। उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव में अपने अपने समीकरण बैठाते हुए नेताओं के बीच दल बदल की प्रक्रिया तेज हो गयी है और इसी क्रम में आज समाजवादी पार्टी (सपा) और उनकी सहयोगी प्रगतिशील समाजवार्दी पार्टी (प्रसपा) को बुंदेलखंड में उस समय जोरदार झटका लगा जब उसके नेता वीरेंद्र प्रताप सिंह (सपा)और प्रसपा की दीपमाला कुशवाहा ने अपनी अपनी पार्टियों से नाता तोड़ लिया।
बुंदेलखंड की 19 सीटों पर जीत के लिए प्रयासरत समाजवादी पार्टी और उनके सहयोगी दल को आज वीरांगना नगरी झांसी में जबरदस्त झटका लगा। समाजवादी पार्टी के युवा नेता पूर्व जिला पंचायत सदस्य वीरेंद्र प्रताप सिंह ने साइकिल की सवारी छोड़ कमल हाथ में थाम लिया तो दूसरी ओर प्रसपा की पूर्व प्रदेश महासचिव दीपमाला कुशवाहा अपना दल से जुड़कर खुद को धन्य समझ रही है। राज्य मंत्री हरगोविंद कुशवाहा ने वीरू का पार्टी में स्वागत किया तो प्रसपा के जिलाध्यक्ष वीरेंद्र यादव ने दीपमाला को मौका परस्त बता दिया।
भाजपा से समाजवादी पार्टी में स्वामी प्रसाद मौर्या क्या गए प्रदेश से लेकर जिले स्तर तक भगदड़ मची हुई है। एक ओर जहां नामांकन चल रहे हैं तो दूसरी ओर समाजवादी पार्टी से पार्टी छोड़ने का क्रम जारी है। हाल ही में कुछ दिन पहले बबीना विधानसभा से समाजवादी पार्टी से उम्मीदवारी ठोक रहे वीरेंद्र प्रताप सिंह को जब पार्टी की नीतियां समझ नहीं आई तो आज उन्होंने अपने समर्थकों के साथ लखनऊ पहुंचकर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया। वहीं उनके तुरंत बाद ही पूर्व में प्रगतिशील समाजवादी पार्टी की उम्मीदवार दीपमाला कुशवाहा ने भी प्रसपा से अपना नाता तोड़ लिया और अब वह अपना दल की नीतियों से ओतप्रोत है।
गौरतलब है कि दीपमाला कुशवाहा स्वयं को प्रसपा की फाउंडर मेम्बर बताती रहीं हैं। पूर्व मुख्यमंत्री मायावती का पुतला फूंकने पर जब वह जेल भेजी गई तो प्रसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के चाचा उनसे मिलने स्वयं जेल गए थे। चर्चाएं जोरों पर हैं कि जल्द ही प्रगतिशील समाजवादी पार्टी और समाजवादी पार्टी से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के दो और नेता पार्टी छोड़कर अपनी विचारधारा की राजनीतिक पार्टी में शामिल हो सकते हैं।
फिलहाल इस उथल-पुथल को देखते हुए चुनावी समीकरण रोज नए रूप में नजर आ रहे हैं। इससे पूर्व मऊरानीपुर विधानसभा सीट की समाजवादी पार्टी की पूर्व विधायक डॉ. रश्मि आर्या ने सपा छोड़ कर सबको चौंका दिया था। उन्होंने पहले भाजपा का दामन थामा और फिर अपना दल से प्रभावित हो गई।
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