बरेली: पुलिस हो सक्रिय तो रोकी जा सकती है मानव तस्करी
बरेली, अमृत विचार। मादक पदार्थ की तस्करी के बाद दुनिया में मानव तस्करी बड़ा अपराध है। गरीबों के बच्चों और महिलाओं को कभी रुपये देकर तो कभी अपहरण करके इनकी तस्करी की जाती है। इस तस्करी को रोका जा सके, इसलिए हर जनपद में एक थाना बनाया गया, जिसमें मानव तस्करी से जुड़े अपराधों की …
बरेली, अमृत विचार। मादक पदार्थ की तस्करी के बाद दुनिया में मानव तस्करी बड़ा अपराध है। गरीबों के बच्चों और महिलाओं को कभी रुपये देकर तो कभी अपहरण करके इनकी तस्करी की जाती है। इस तस्करी को रोका जा सके, इसलिए हर जनपद में एक थाना बनाया गया, जिसमें मानव तस्करी से जुड़े अपराधों की विवेचना शुरू हुई।
यहां तैनात स्टाफ के साथ आईजी रमित शर्मा और एनजीओ के डायरेक्टर ने शुक्रवार को पुलिस लाइन में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट के लिए कार्यशाला का आयोजन किया। इसके तहत रेंज के सभी प्रभारियों और वहां के स्टाफ को बुलाया गया। कार्यशाला में नेपाल बार्डर के थानों से संबंधित पुलिसकर्मियों ने प्रतिभाग किया। पुलिसकर्मियों को मानव सेवा संस्थान के डायरेक्टर राजेश मणि त्रिपाठी ने मानव तस्करी पर रोक, एएचटीयू थानों के कार्य एवं अन्य महत्वपूर्ण बिदुंओं पर चर्चा की।
उन्होंने बताया कि दुनिया में मानव तस्करी तीसरे नंबर का बड़ा अपराध है। इसपर रोक के जिलों में एएचटीयू का गठन हुआ। वर्ष 2015 में प्रदेश में 35 जनपदों में यह थाने खोले गए। इसके बाद अक्टूबर वर्ष 2020 में प्रत्येक जनपद में एएचटीयू थाने को खोला गया। एसपी क्राइम मुकेश प्रताप सिंह समेत कई अन्य अफसर मौजूद रहे।
बार्डर के जिलों से होती है तस्करी
इंडो नेपाल सीमा के तमाम बार्डर हैं, जहां से यह तस्करी होती है। कुछ लोग गरीबी के चलते अपने को काम के बहाने बेच देते हैं तो कुछ को शातिर अपने जाल में फंसाकर ले जाते हैं। प्रदेश में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिसमें लोगों को बेचा गया है।
18 से कम उम्र के लोग होते हैं अधिक शिकार
अब तक जितने भी मामले सामने आए हैं, उनसे पता चला है कि कुल दर्ज मामलों में 48 प्रतिशत मामले 18 वर्ष से कम उम्र के लड़के और लड़कियों की तस्करी से जुड़े थे। कई जगहों पर इन बच्चों को बंधक बनाकर काम कराया जाता है।
सबसे ज्यादा कराई जाती है वेश्यावृत्ति
महिला और लड़कियों को तस्करी करके बेच दिया जाता है। उसके बाद खरीदने वाले उन्हें वेश्यावृत्ति के काम में झोंक देते हैं। विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की जाती है। उनकी चौकीदारी करने के लिए कई लोग होते हैं। उन्हें कई बार भी बेचा जाता है।
तस्करी के बाद कराते हैं यह काम
– बाल श्रम
– सीमा पर अवैध सामान की तस्करी
– जबरन विवाह
– भीख मंगवाना
– अंगों को बेचना
– बंधुआ मजदूरी
– निजी स्वार्थ के लिए दुरुपयोग
– यौन शोषण
– सस्ता श्रम
