बरेली: स्कूलों में राशन बांटने से कतरा रहे शिक्षक

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बरेली,अमृत विचार। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए शासन की ओर से अनेक प्रयास किए जा रहे हैं। इन दिनों संक्रमण के बढ़ते मामलों पर नियंत्रण पाने के लिए सरकारी दफ्तरों और संस्थानों में रोस्टर जारी कर दिया गया है। ताकि भीड़-भाड़ की संभावनाओं पर रोक लगाई जा सके। इस समय विधान सभा चुनाव के …

बरेली,अमृत विचार। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए शासन की ओर से अनेक प्रयास किए जा रहे हैं। इन दिनों संक्रमण के बढ़ते मामलों पर नियंत्रण पाने के लिए सरकारी दफ्तरों और संस्थानों में रोस्टर जारी कर दिया गया है। ताकि भीड़-भाड़ की संभावनाओं पर रोक लगाई जा सके।

इस समय विधान सभा चुनाव के मद्देनजर आचार संहिता लागू है, मगर बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी इन प्रतिबंधों को ताख पर रख बच्चों को राशन बंटवाने के लिए कह रहे हैं।

दूसरी तरफ विभागीय अधिकारी के मौखिक आदेश से घबराए शिक्षकों को डर है कि राशन वितरण के लिए प्रयोग में आने वाले प्राधिकार पत्र के कारण इन दिनों लागू आचार संहिता के कारण उनकी नौकरी पर आंच न आ जाए।

बीते दिनों कोरोना काल में स्कूलों के बंद होने की दशा में बच्चों को मिड डे मिल मुहैया कराने के लिए राशन वितरित करने की योजना बनाई गई थी। अभिभावकों को प्राधिकार पत्र दिखाने पर मिड डे मिल का राशन दिया जाना था, लेकिन प्राधिकार पत्र पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीर छपी हुई है।

शिक्षकों का कहना है कि तस्वीर छपे प्राधिकार पत्र को दिए जाने से आचार संहिता का उल्लंघन होगा, जो किसी प्रकार से उचित नहीं है। ऐसा किए जाने पर शिक्षकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है। इस संबंध में विभागीय अधिकारी की तरफ से भी किसी प्रकार का लिखित आदेश जारी नहीं किया गया है।

इसलिए शिक्षक यह कार्य करने से बच रहे हैं।

फोटो हटा व छिपाकर दिए जाएं प्राधिकार पत्र
प्राधिकार पत्र को लेकर शिक्षकों में बनी संशय की स्थिती को देखते हुए उन्हें पत्र पर छपी तस्वीर का हटाकर या छिपाकर देने के मौखिक निर्देश दे दिए गए हैं। बीएसए विनय कुमार ने बताया कि आचार संहिता का उल्लंघन न हो, इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर तस्वीर हटा या छिपाकर राशन वितरित कराने के लिए कहा गया है।

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