लखनऊ: स्कूली छात्र हाथी वापस लाने की चलाएंगे मुहिम, लिखा जाएगा प्रधानमंत्री को पत्र
लखनऊ। चिड़ियार घर में एक बार फिर से हाथी का कुनबा आबाद करने की तैयारी की जा रही है। चिड़ियाघर हाथी वापसी के लिए छात्र-छात्राएं मुहिम चलाएंगे। रविवार को नवाब वाजिद अली शाह प्राणि उद्यान में आयोजित एक कार्यक्रम में पूर्व प्रमुख वन संरक्षक आरएस भदौरिया ने कहा कि हाथियों को दोबारा चिड़ियाघरों में रखे …
लखनऊ। चिड़ियार घर में एक बार फिर से हाथी का कुनबा आबाद करने की तैयारी की जा रही है। चिड़ियाघर हाथी वापसी के लिए छात्र-छात्राएं मुहिम चलाएंगे। रविवार को नवाब वाजिद अली शाह प्राणि उद्यान में आयोजित एक कार्यक्रम में पूर्व प्रमुख वन संरक्षक आरएस भदौरिया ने कहा कि हाथियों को दोबारा चिड़ियाघरों में रखे जाने के लिए अभियान चलाया जायेगा। यह अभियान हाथी क्लब नाम से देशभर के स्कूली बच्चे चलाएंगे।
उन्होंने हाथी का सदियों से पौराणिक-धार्मिक महत्व को भी बताया। लेकिन सरकारी नीतियों ने इसे जंगली जानवर बना दिया। घर ही नहीं चिड़ियाघर तक में रखना प्रतिबंधित कर दिया गया। ऐसे में स्कूली छात्र-छात्राओं के लिए हाथी क्लब बनाया जा रहा है, जिसके जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर चिड़ियाघर में हाथियों के वापसी की मांग की जाएगी।
लखनऊ चिड़ियाघर में मौजूद लोगों ने बताया कि एक समय था जब चिड़ियाघर के मुख्य द्वार से प्रवेश लेने के बाद बच्चे दौड़ते हुए हाथी बाड़े के पास पहुंच जाते थे। घंटो वहां पर फोटो खिंचाई जाती।चिड़ियाघर में सबसे अधिक रहा हाथी सुमित को देखने के लिए लोग विदेशों से आते थे। लेकिन सेंट्रल चिड़ियाघर प्राधिकरण ने हाथियों के स्वास्थ्य का हवाला देते हुए हुए चिड़ियाघर में हाथियों के रखा जाना प्रतिबंधित कर दिया।
अंत में हाथी सुमित और हथिनी जया का जोड़ा यहां पर मौजूद था। दोनों में करीबियां तो हुई लेकिन दोनों की जल्द ही दुधवा के जंगलों में भेज दिया गया। कर्मचारियों ने बताया कि वहां जाने के बाद यह दोनों अधिक दिनों तक जीवित नहीं रह सके। यहां पर वन्य जीव चिकित्सक के रहने से उन्हें सही उपचार मिल जाता था जिससे दोनों यहां पर लंबा समय व्यतीत किया।
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