मुरादाबाद : कैंची से काटेंगे विरोधियों की पंतग, भरेंगे अपने ख्वाब में रंग
विनोद श्रीवास्तव/अमृत विचार। यदि आप 2022 के विस चुनाव में विधायकी का ताज अपने सिर पर सजाने की ख्वाहिश रखते हैं तो मतदाताओं के जेहन में खुद के नाम के साथ चुनाव चिह्न को भी फिट करने में जरा भी चूक न करिए वरना मतदाता नाम भूले तो सब बंटाधार हो जाएगा। क्योंकि कई वोटर प्रत्याशी …
विनोद श्रीवास्तव/अमृत विचार। यदि आप 2022 के विस चुनाव में विधायकी का ताज अपने सिर पर सजाने की ख्वाहिश रखते हैं तो मतदाताओं के जेहन में खुद के नाम के साथ चुनाव चिह्न को भी फिट करने में जरा भी चूक न करिए वरना मतदाता नाम भूले तो सब बंटाधार हो जाएगा। क्योंकि कई वोटर प्रत्याशी का नाम नहीं, केवल चिह्न की छाप दिमाग में लेकर ईवीएम तक पहुंचते हैं।
दलों के प्रतीक चिह्न को छोड़ दें तो निर्दलीय प्रत्याशियों के सामने खुद के चुनाव चिह्न की पहचान बताने के लिए चंद दिनों का ही वक्त मिलता है। ऐसे में प्रत्याशी चुनाव चिह्न में ऐसा ही प्रतीक चुनने का विकल्प देते हैं जिसे मतदाता आसानी से याद रख सके। चुनाव आयोग की ओर से अधिकृत प्रतीक चिह्नों में प्लेन, आरी, कैंची, चाबी, ताला, हवाई जहाज, मोटर कार, कप प्लेट, चारपाई, टेलीविजन, कोट, कैमरा, दूरबीन, टार्च, क्रिकेट का बैट, गले का हार, आटो रिक्शा, गैस सिलेंडर, ट्रांजिस्टर, कलम दवात आदि अहम है।
मंडल की 27 सीटों पर हो रहे दूसरे चरण के चुनाव में सोमवार को प्रतीक चिह्न का आवंटन होते ही प्रचार का शोर तेज हो जाएगा। हालांकि फिजिकल प्रचार-प्रसार पर रोक से चुनावी फिजा उम्मीद व उम्मीदवारों के मुताबिक इस बार चटख नहीं है फिर भी जीत के दावे को धार प्रतीक चिह्नों के सहारे ही दी जाएगी। ढोल-नगाड़े की धुन के बजाय पर्चा, हैंडबिल बांटकर और सोशल मीडिया पर चुनावी गीत व नारे के जरिये विधानसभा में कुर्सी पक्की करने के लिए कोई निर्दलीय प्रत्याशी प्लेन उड़ाएगा तो कोई विरोधियों के अरमान पर आरी चलाकर खुद के सिर पर जीत का सेहरा बंधाएगा।
कोई प्रत्याशी कैंची से विरोधियों के पतंग की डोर काटकर उसके सपनों को हवा में उड़ाकर खुद के ख्वाब में रंग भरेंगे। ऐसे में अब प्रत्याशी चिह्न लेकर चुनावी जंग में अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए आखिरी 13 दिनों में पूरी ताकत झोंकेंगे। किसी ने प्रतीक चिह्न को याद रखवाने में चूक की तो उसके राजनीतिक सपनों पर अगले पांच साल तक के लिए ग्रहण लग जाएगा।
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