बरेली: कर्मचारियों की नहीं सुनी पुकार, नहीं हुई पुरानी पेंशन बहाल
बरेली,अमृत विचार। आम बजट से हर वर्ग को खासी उम्मीदें थीं लेकिन बजट आने के बाद किसी के चेहरे खुश नजर आए तो किसी को निराशा हाथ लगी। बजट को लेकर स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की प्रतिक्रिया भी कुछ नकारात्मक ही रही। सुबह से ही आम बजट को लेकर कर्मचारियों की आंखें टेलीविजन पर टिकी …
बरेली,अमृत विचार। आम बजट से हर वर्ग को खासी उम्मीदें थीं लेकिन बजट आने के बाद किसी के चेहरे खुश नजर आए तो किसी को निराशा हाथ लगी। बजट को लेकर स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की प्रतिक्रिया भी कुछ नकारात्मक ही रही। सुबह से ही आम बजट को लेकर कर्मचारियों की आंखें टेलीविजन पर टिकी रहीं।
बजट के जानकारों से कर्मचारी विवरण जुटाते नजर आए। उनका कहना है कि इस बजट से भी पुरानी पेंशन बहाली और आयकर में रियायत मिलने के दावे दम तोड़ गए जिससे काफी निराशा है।
1998 से राज्यकर्मियों का उपार्जित अवकाश सरकार ने बंद किया था तब से हमने सभी सरकारों से यही निवेदन किया कि वो हमें उपार्जित अवकाश का फिर से भुगतान करने की कृपा करें। पुरानी पेंशन को बहाल करें। बजट में हमारी यह मांग पूरी नहीं हुई।
—महेंद्र यदाव, मंडलीय मंत्री, चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी संघ, चिकित्सा एवं स्वास्थ सेवाएं उत्तर प्रदेश
कर्मचारियों को उम्मीद थी कि हमें वेतन में करीब आठ लाख की आयकर में छूट दी जाएगी लेकिन सरकार ने बजट में कर्मचारियों की मांग पर ध्यान नहीं दिया। पुरानी पेंशन बहाली का भी ख्याल नहीं रखा। कर्मचारियों को बजट ने निराश किया है।
—राम नरेश पटेल, प्रांतीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष, प्रयोगशाला प्राविधिक एवं चेयरमैन, संघर्ष समिति राज्य कर्मचारी परिषद
बीते दस वर्षों से स्थायी नियुक्तियां विभाग में नहीं की गई हैं जिससे कई कर्मचारी आहत हैं। मानव संसाधन की भी कमी है। पुरानी पेंशन योजना लागू की जाए जिससे कर्मचारियों को आर्थिक मजबूती मिल सके।
—राधे श्याम गुप्ता, जिला मंत्री चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ, जिला शाखा, बरेली
ये भी पढ़ें-
आयकर विभाग ने सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी के परिसर से बरामद कि तीन करोड़ रुपये की नकदी
