रामपुरः अपने ही रिवाल्वर से चली गोली ने ले ली रिटायर्ड सीओ की जान, मचा कोहराम
रामपुर, अमृत विचार। सिविल लाइन थाना क्षेत्र में रहने वाले रिटायर्ड सीओ की अपने ही रिवाल्वर से चली गोली ने जान ले ली। गोली चलने की आवाज से घर में सभी सहम गए। मौत की सूचना से परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। …
रामपुर, अमृत विचार। सिविल लाइन थाना क्षेत्र में रहने वाले रिटायर्ड सीओ की अपने ही रिवाल्वर से चली गोली ने जान ले ली। गोली चलने की आवाज से घर में सभी सहम गए। मौत की सूचना से परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है कि यह घटना आत्महत्या है या फिर रिवाल्वर साफ करते समय गोली चलने से मौत हुई है।
सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के शक्ति नगर गड्ढा कालोनी से जुड़ा है। रिटायर्ड सीओ पुरुषोत्तम शरण मूल रुप से पटवाई थाना क्षेत्र के गांव मुडियाखेड़ा के रहने वाले थे। कुछ साल से वह परिवार के साथ शक्ति नगर गड्ढा कालोनी में रह रहे थे। पुरुषोत्तम शरण को बुधवार करीब 11 बजे अचानक अपने ही रिवाल्वर से गोली लग गई।
गोली की आवाज सुनते ही घर में कोहराम मच गया। पत्नी दूसरे कमरे में थीं। शिक्षिका पुत्रवधू स्कूल गई हुई थीं। पोते आनलाइन क्लास ले रहे थे। गोली चलने के बाद आस-पास के लोग मौके पर एकत्र हो गए। घायल को लोग जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी पाकर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई।
पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया। पुलिस को यहां से रिवाल्वर भी मिला है। जानकारी मिलने के बाद उनका बेटा निश्चय सिंह भी देर शाम को शाहजहांपुर से घर पहुंचा। जहां उसने बताया कि रिवाल्वर साफ करते समय अचानक गोली चल गई, जिससे उनकी मौत हो गई। वहीं आत्महत्या का मामला भी बताया जा रहा है। पुलिस दोनों पहलुओं की जांच कर रही है।
तीन आतंकवादियों को मारने वाले सीओ ने कहीं आत्महत्या तो नहीं की
मृतक पुरुषोत्तम शरण के बेटे निश्चय सिंह ने बताया कि उनके पिता 1996 में लखीमपुर में दरोगा के पद पर तैनात थे। इस दौरान उन्होंने खूंखार तीन आतंकवादियों को मौत के घाट उतार दिया था। इस कारण उनको राज्यपाल लखनऊ के हाथों सम्मान भी मिला था। इसके बाद उन्हें प्रमोशन मिला था। बाद में अपनी वरीयता के आधार पर इंस्पेक्टर और उसके बाद उनका प्रमोशन सीओ के पद पर हो गया था। 2014 में वह मुरादाबाद से रिटायर्ड होने के बाद से ही घर पर ही रह रहे थे। बेटे का कहना है कि वह खुद शाहजहांपुर में बेसिक शिक्षा अधिकारी आफिस में जिला कोर्डिनेटर के पद पर तैनात है। वह हर सप्ताह अवकाश वाले दिन घर आते हैं। उनकी तीनों बेटियों की शादी शाहजहांपुर में हो चुकी है। सूत्रों के मुताबिक वह कुछ डिप्रेशन में चल रहे थे, इसी में उन्होंने आत्महत्या कर ली। जबकि बेटे का कहना है कि रिवाल्वर साफ करते समय गोली चलने से उनकी मौत हो गई हैं।
परिजनों की कहानी में झोल ही झोल
जिस तरह से मृतक के परिजनों ने रिटायर्ड सीओ पुरुषोत्तम शरण द्वारा रिवाल्वर साफ करने की जानकारी दी गई है। उसमें झोल ही झोल ही है। अगर रिवाल्वार साफ करते समय गोली चली होती, तो उनकी कनपटी पर नहीं सीने पर या और कहीं गोली लगी होती, या फिर दीवार से टकराई होती। यह सारी बातें पुलिस के गले नहीं उतर रही हैं। पुलिस का कहना है कि पारिवारिक कलह के चलते आत्महत्या को अंजाम दिया है।
रिटायर्ड सीओ के घर कुछ पारिवारिक कलह के चलते वह डिप्रेशन में भी चल रहे थे। इसलिए उन्होंने आत्महत्या कर ली। पुलिस मामले की जांच कर रही है। परिजनों की बात की भी तस्दीक की जा रही है। –लव सिरोही सिविल लाइंस थाना प्रभारी
