मुरादाबाद : डिलारी क्षेत्र में जंगली जानवर ने मचाया उत्पात, दहशत

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मुरादाबाद, अमृत विचार। डिलारी थाना क्षेत्र में मंगलवार रात जंगली जानवर ने जमकर उत्पात मचाया। उसने दो गांवों में हमला कर तीन बच्चों समेत सात लोगों को निशाना बना डाला। शोर-शराबा होने पर जाग हुई तो ग्रामीणों ने लाठी-डंडे लेकर जानवर को दौड़ा लिया। इसके बाद वह खेतों में घुसकर गायब हो गया। सूचना पर …

मुरादाबाद, अमृत विचार। डिलारी थाना क्षेत्र में मंगलवार रात जंगली जानवर ने जमकर उत्पात मचाया। उसने दो गांवों में हमला कर तीन बच्चों समेत सात लोगों को निशाना बना डाला। शोर-शराबा होने पर जाग हुई तो ग्रामीणों ने लाठी-डंडे लेकर जानवर को दौड़ा लिया। इसके बाद वह खेतों में घुसकर गायब हो गया। सूचना पर थाना पुलिस और वन विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं इस हमले के बाद ग्रामीणों में दहशत है। घायल जहां तेंदुए के हमले की बात कह रहे हैं, वहीं वन विभाग के अधिकारी इसे सिरे से नकार रहे हैं। मौका-मुआयना करने के बाद अधिकारी किसी अन्य जंगली जानवर द्वारा हमला करने का दावा कर रहे हैं।

जानवर द्वारा हमला करने की घटना मंगलवार को डिलारी थाना क्षेत्र के ग्राम मूलावान और धींगरपुर की है। बताते हैं कि मंगलवार की रात करीब दो बजे धींगरपुर निवासी मुनाजिर के घर पर जंगली जानवर ने हमला बोल दिया। यहां पर उसने बकरी को निशाना बनाने की कोशिश की। इस बीच परिजनों की आंख खुली तो उन्होंने शोर मचा दिया। तमाम ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर मौके की ओर भागे। उन्होंने जानवर को दौड़ाया तो वह चकमा देकर पड़ोस के गांव मूलावान में घुस गया। ग्रामीणों के अनुसार इस गांव में उसने कई घरों में हमला किया।

जानवर के हमले से गांव निवासी मोहम्मद शाकिर (पांच), उजमा (पांच), आसिफ (11), अंजू (53), मोहम्मद इमरान (50), सायरा (25) और छोटे (50) घायल हो गए। गांव में चीख-पुकार मच गई। ग्रामीण हथियार व लाठी-डंडे लेकर घरों से बाहर आ गए। इसके बाद सभी ने जानवर को दौड़ा लिया। ग्रामीणों के अनुसार बचने के लिए वह जंगल की ओर भाग गया। उसकी तलाश में ग्रामीणों ने कांबिंग भी की। लेकिन, सफलता नहीं मिली। सूचना पर थाना पुलिस और वन विभाग के अधिकारी भी मौके पर आ गए।

पूछताछ में घायलों ने तेंदुए द्वारा हमला करने की बात कही। लेकिन, जब अधिकारियों ने मौका-मुआयना करने के दौरान पंजों के निशान देखे तो उन्होंने तेंदुए के हमले से इनकार कर दिया। अधिकारियों का कहना था कि पंजे के निशान बहुत छोटे थे, जबकि तेंदुए के पंजे के निशान बड़े होते हैं। अधिकारी किसी अन्य जंगली जानवर या फिर कुत्ते द्वारा हमला करने का दावा कर रहे हैं। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां पर प्राथमिक उपचार के बाद उनकी छुट्टी कर दी गई।

मामला संज्ञान में है। हम लोगों ने मौके पर जाकर जांच पड़ताल की, जिसमें पाया गया कि रात के समय किसी पागल कुत्ते या फिर अन्य जंगली जानवर द्वारा इन लोगों पर हमला किया गया है। तेंदुए के पंजों के निशान वहां नहीं मिले हैं। -पियूष जोशी, हल्का इंचार्ज, वन विभाग

टीम को भेजकर मौके पर जांच कराई गई। तेंदुए के पग चिह्न कहीं नहीं मिले। जांच में किसी आवारा कुत्ते द्वारा हमले की बात सामने आ रही है। वहीं घायलों को आई मामूली चोंटें भी तेंदुए के हमले को नकार रही हैं। –सतेंद्र कुमार, उप जिलाधिकारी, वन विभाग

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