मुरादाबाद : जीत के लिए नेताजी मांग रहे जनता-जनार्दन की मेहरबानी
विनोद श्रीवास्तव/मुरादाबाद, अमृत विचार। यह वक्त का पहिया है जनाब। अच्छे अच्छों को हकीकत दिखा देता है। चुनाव की घंटी बजते ही जीत के लिए नेता जी को जनता जनार्दन की मेहरबानी की दरकार हो जाती है। कल तक जनता नेता के पीछे थी तो अब अपनी सियासती तकदीर लिखाने को नेता जी मतदाता की …
विनोद श्रीवास्तव/मुरादाबाद, अमृत विचार। यह वक्त का पहिया है जनाब। अच्छे अच्छों को हकीकत दिखा देता है। चुनाव की घंटी बजते ही जीत के लिए नेता जी को जनता जनार्दन की मेहरबानी की दरकार हो जाती है। कल तक जनता नेता के पीछे थी तो अब अपनी सियासती तकदीर लिखाने को नेता जी मतदाता की चौखट पर माथा टेकते फिर रहे हैं। हाथ जोड़े नेताजी वोट की दुहाई मांग रहे हैं।
वह चुनाव में जीत के लिए अब जनता के दरवाजे पर टकटकी लगाए हैं। लग्जरी वाहनों में फर्राटा भरने वाले नेता गली मोहल्लों में धूल फांकने निकल पड़े हैं। चुनाव के वक्त नेताजी को अपने गली-कूचों में देख किसी लेखक के विचार प्रासंगिक हो जाते हैं-
सोए थे सारे ख्वाब, शहर के मचल गए,
मुरझाए सारे फूल, गुलिस्तां के खिल गए।
नेताजी हमें आपसे, उम्मीद है बड़ी,
तकदीर थी हमारी, हमें आप मिल गए।
ऐसी ही तस्वीर इन दिनों शहर से लेकर देहात तक की फिजा में दिख रही है, जो 13 फरवरी तक यूं ही बरकरार रहेगी। 14 को वोट लेने के बाद नेताजी के दर्शन शायद फिर से दुर्लभ हो जाएं, इसलिए जनता भी उन्हें पूरी निगाह से देख लेने का आनंद ले रही है। बड़े, बूढ़े, बच्चे, महिलाएं सभी कौतूहल से नेताजी व उनके चुनावी तामझाम को देख आनंदित हो रहे हैं। क्योंकि वह वोट की दुहाई मांगते चौखट पर जो आए हैं। जिले की छह विधानसभाओं में 66 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला 24,09,988 मतदाताओं के हाथ में है।
इसमें 12,81,512 पुरुष और 11,28,342 महिलाएं हैं, जो जीत की इबारत लिखने के लिए 14 फरवरी वैलेंटाइन डे के दिन ईवीएम का बटन दबाने बूथों पर पहुंचेंगे। इस दिन के इंतजार में नेता जी सुबह से देर रात तक जनता जनार्दन की मनुहार करते फिर रहे हैं। किसी की हां में हां मिला रहे हैं तो किसी की नाराजगी भी सिर माथे पर लेकर अबकी बार मौका देने की दुहाई दे रहे हैं।
