बजट सत्र 2022: राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर साधा निशाना, राष्ट्रपति के अभिभाषण भी उठाए कई सवाल

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नई दिल्ली। लोकसभा में बुधवार को राहुल गांधी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर  धन्यवाद प्रस्ताव पर बहस की शुरुआत की। उन्होंने शुरू से ही अभिभाषण पर सवाल उठाना शुरू कर दिया। राहुल गांधी ने कहा कि राष्ट्रपति का अभिभाषण सच्चाई से परे था। जिसमें न बेरोजगारी के बारे में कोई बात ही नहीं की गई। …

नई दिल्ली। लोकसभा में बुधवार को राहुल गांधी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर  धन्यवाद प्रस्ताव पर बहस की शुरुआत की। उन्होंने शुरू से ही अभिभाषण पर सवाल उठाना शुरू कर दिया। राहुल गांधी ने कहा कि राष्ट्रपति का अभिभाषण सच्चाई से परे था। जिसमें न बेरोजगारी के बारे में कोई बात ही नहीं की गई। जबकि लगातार युवा अपनी रोजगार खोता जा रहा है। पिछले वर्ष भी 3 करोड़ युवाओं ने अपना रोजगार खोया था। इतना ही नहीं उन्होंने यह तक कहा कि मोदी सरकार ने असंगठित क्षेत्रों को खत्म कर दिया है। जिसकी वजह से अब दो हिंदुस्तान बन गए है। पहला अमीरों का भारत और दूसरा गरीबों का भारत।

यूपीए सरकार ने 27 करोड़ लोगों को गरीबी से निकला था बाहर
राहुल गांधी ने कहा कि हमारी यूपीए की सरकार ने दस साल के भीतर 27 करोड़ लोगों को गरीबी से निकाला था और इस सरकार ने 23 करोड़ लोगों को गरीबी में धकेल दिया। उन्होंने आगे कहा कि जब तक असंगठित क्षेत्र को मजबूत नहीं किया जाएगा, तब तक स्टार्टअप इंडिया, न्यू इंडिया के नारे से कुछ नहीं होगा।

सरकार को इतिहास का ज्ञान नहीं
अपनी बात को आगे रखते हुए राहुल गांधी ने कहा कि संविधान में भारत को राष्ट्र नहीं कहा गया। भारत राज्यों का संघ है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सरकार बिना संवाद के लोगों पर राज नहीं कर सकी। पहले सरकार को इतिहास की जानकारी होनी चाहिए।

किसान सड़कों पर बैठे रहे, मगर राजा ने नहीं सुना 
राहुल गांधी यहीं पर नहीं रुके। उन्होंने कहा कि भारत के किसान सड़कों पर बैठे रहे। मगर राजा ने उनकी एक न सुनी। क्योंकि सरकार का जो फ्रेमवर्क है। उसमें किसानों के लिए कोई जगह ही नहीं है। आगे उन्होंने कानून वापसी के बारे में कहा कि अभी भी यह सरकार भ्रम में है।

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