फतेहपुर: जहानाबाद में त्रिकोणीय संघर्ष के आसार, काफी मंथन के बाद भाजपा ने भी उतारा प्रत्याशी
फतेहपुर। जनपद फतेहपुर की जहानाबाद विधानसभा सीट अभी तक अपना दल के पास थी लेकिन इस बार अपना दल के प्रत्याशी को जहानाबाद की जगह बिंदकी से प्रत्याशी बना दिया गया और बिंदकी से टिकट मांग रहे पूर्व राज्य मंत्री राजेंद्र सिंह पटेल को जहानाबाद से भाजपा ने अपना प्रत्याशी बनाकर मैदान में उतारा है, …
फतेहपुर। जनपद फतेहपुर की जहानाबाद विधानसभा सीट अभी तक अपना दल के पास थी लेकिन इस बार अपना दल के प्रत्याशी को जहानाबाद की जगह बिंदकी से प्रत्याशी बना दिया गया और बिंदकी से टिकट मांग रहे पूर्व राज्य मंत्री राजेंद्र सिंह पटेल को जहानाबाद से भाजपा ने अपना प्रत्याशी बनाकर मैदान में उतारा है, जहां उनका सामना बसपा के प्रत्याशी पूर्व विधायक आदित्य पांडे और सपा के प्रत्याशी तीन बार विधायक रह चुके मदन गोपाल वर्मा से होगा।
सपा, भाजपा, बसपा में होगा मुख्य मुकाबला
यहां त्रिकोणीय संघर्ष के आसार हैं हालांकि कांग्रेस ने भी अपना प्रत्याशी उतारा है, लेकिन मुख्य संघर्ष सपा बसपा व भाजपा के बीच ही होना तय माना जा रहा है, क्योंकि तीनों ही राजनीति के माहिर खिलाड़ी हैं और विधायक रह चुके हैं साथ ही प्रदेश के चुनावी परिदृश्य को भी देखते हुए इसे समझा जा सकता है।
प्रत्याशी घोषित करने में बीजेपी को हुआ विलंब
यद्यपि प्रत्याशी घोषित करने में सर्वाधिक विलंब भारतीय जनता पार्टी की ओर से हुआ चर्चाओं का बाजार गर्म था कि मंगलवार की देर शाम जहानाबाद विधानसभा सीट से बिंदकी निवासी और बिंदकी विधानसभा से विधायक रह चुके पूर्व मंत्री राजेंद्र सिंह पटेल को प्रत्याशी घोषित किया गया।
बीजेपी के लिए आसान नहीं यहां से जीत
राजेंद्र सिंह पटेल ने अमृत विचार संवाददाता से कहा कि पहलवान यह नहीं देखता कि अखाड़ा कहां का है, उसे तो लड़ना और जीतना होता है, मेरे लिए जहानाबाद सहज होगी। लेकिन इन दावों के विपरीत जमीनी हालात कुछ दूसरे हैं। यहां आदित्य पांडे और मदन गोपाल वर्मा को भारी समर्थन पहले से ही मिलता आया है किंतु भाजपा का ना तो इस क्षेत्र में संगठनात्मक ढांचा ही बहुत मजबूत है और ना ही घोषित प्रत्याशी राजेंद्र सिंह पटेल पूरे क्षेत्र के संपर्क में रहे हैं।
यद्यपि गत परिसीमन में बिंदकी विधानसभा क्षेत्र का काफी क्षेत्र जहानाबाद विधानसभा में जुड़ जाने से राजेंद्र सिंह पटेल को सहायता मिलेगी लेकिन विलंब से घोषित टिकट और अचानक जहानाबाद विधानसभा क्षेत्र में सक्रिय होकर विजयश्री प्राप्त करना इतना आसान भी नहीं होगा।
समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी की प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी
जहानाबाद विधानसभा क्षेत्र से ही समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम विधायक रह चुके हैं और उनका गांव भी जहानाबाद विधानसभा क्षेत्र में ही है, जहां उनकी प्रतिष्ठा दांव पर लगी है । वहीं राजेंद्र सिंह पटेल और आदित्य पांडे की भी प्रतिष्ठा दांव में लगी है।
यद्यपि 1962 से लेकर अब तक यह सीट चार बार कांग्रेस के पास गई किंतु 1985 में प्रकाश नारायण अवस्थी के विधायक बनने के बाद से यह सीट सपा बसपा और अपना दल के बीच ही भ्रमण करती रही इसलिए कांग्रेस का यहां कितना प्रभाव होगा यह समझा जा सकता है उधर कांग्रेस का संगठनात्मक ढांचा भी इस क्षेत्र में सुप्तावस्था में है।
यह भी पढ़े: बहराइच: करंट लगने से फोरमैन की मौत, केबल ठीक करने के दौरान हुआ हादसा
