बरेली: शराब तस्करी में शामिल पुलिस अधिकारी की जांच करेंगे एसपी अमरोहा
बरेली,अमृत विचार। शराब माफिया के सिंडिकेट में शामिल पुलिस अफसर की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। अफसर का नाम सामने आने के बाद लखनऊ तक हंगामा मचा हुआ है। एडीजी जोन ने डीजी कार्यालय में पुलिस अफसर के बारे में जानकारी दी है। अब उस अफसर के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है कि उसने …
बरेली,अमृत विचार। शराब माफिया के सिंडिकेट में शामिल पुलिस अफसर की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। अफसर का नाम सामने आने के बाद लखनऊ तक हंगामा मचा हुआ है। एडीजी जोन ने डीजी कार्यालय में पुलिस अफसर के बारे में जानकारी दी है। अब उस अफसर के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है कि उसने पत्नी के नाम पर शराब की दुकान लेने की जानकारी विभाग को दी थी या नहीं।
टपरी स्थित देशी शराब फैक्ट्री में करोड़ों रुपये की कर चोरी के मामले में बुधवार को आबकारी के बाद पुलिस अधिकारी के गठजोड़ की बात सामने आई थी। नेकपुर निवासी दिलीप कुमार ने शराब तस्कर मनोज जायसवाल व एकेजे की तिकड़ी के काले चिट्ठे के साथ पुलिस अधिकारी के गठजोड़ की बात आईजी के सामने रखी थी।
आरोप था कि मुरादाबाद के एक पुलिस अधिकारी की भी शराब कारोबार में संलिप्ता है। मुरादाबाद का मामला होने की वजह से आइजी रेंज बरेली रमित शर्मा ने मामले की जानकारी एडीजी राजकुमार को दी। एडीजी राजकुमार ने बताया कि अमरोहा में तैनात सीओ की पत्नी के नाम लाइसेंस होने की बात सामने आई है।
नियम के अनुसार परिवार व पत्नी के नाम लाइसेंस लेना गलत नहीं है लेकिन संपत्ति व उसके जरिए की पूरी रिपोर्ट हर साल डीजी कार्यालय में जमा करनी होती है। यदि हर साल का ब्यौरा जमा करने के बाद पत्नी के नाम शराब के लाइसेंस की जानकारी दी गई है तब तो ठीक है। यदि उन्होंने यह बात छिपाई है तो वह दोषी मानें जाएंगे।
साथ ही दोषी पाए जाने पर पुलिस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधिकारी के बारे में जानकारी जुटाने के साथ-साथ मामले की जांच एसपी अमरोहा को सौंपी गई है। उनकी जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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