गाजियाबाद-दिल्ली बॉर्डर पर पकड़ी गई नकली इंजेक्शन की फैक्ट्री
गाजियाबाद। गाजियाबाद दिल्ली बॉर्डर पर नकली इंजेक्शन की फैक्ट्री पकड़ी गई, फैक्टरी का माल दिल्ली और आसपास के सभी इलाकों में सप्लाई होता था। इस इंजेक्शन को लगाकर जनवरों का दूध निकाला जा रहा था और वही दूध सब जगह सप्लाई होता था। डॉक्टरों के अनुसार ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन से निकाला गया दूध (Milk) सेहत के …
गाजियाबाद। गाजियाबाद दिल्ली बॉर्डर पर नकली इंजेक्शन की फैक्ट्री पकड़ी गई, फैक्टरी का माल दिल्ली और आसपास के सभी इलाकों में सप्लाई होता था। इस इंजेक्शन को लगाकर जनवरों का दूध निकाला जा रहा था और वही दूध सब जगह सप्लाई होता था। डॉक्टरों के अनुसार ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन से निकाला गया दूध (Milk) सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है।
गाजियाबाद में औषधि विभाग ने लोनी के एक घर में नकली ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन बनाने वाली फैक्टरी का खुलासा किया जिसकी एफआईआर अधिकारियों ने दर्ज कराई थी।
औषधि विभाग को ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन की बिक्री की शिकायत पहले ही मिल गई थी जिसकी जांच विभाग ने शुरू कर दी थी जांच के दौरान लक्ष्मी गार्डन में नकली इंजेक्शन तैयार करने वाली फैक्टरी का पता चलते ही अधिकारियों के साथ मिलकर पुलिस वालों ने छापा मारा और फैक्टरी के मालिक धर्मवीर सिंह को गिरफ्तार कर लिया है।
जिला के औषधि निरीक्षक अनुरोध कुमार भारती का कहना है कि ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन तैयार करने के लिए धर्मवीर के पास लाइसेंस भी नहीं था, छापे के बाद मौके से 150, 100 और 70 एमएल की इंजेक्शन की दो हजार वॉयल, पैकिंग मैटेरियल मशीन, खाली बोतल, कैप और मापने वाला सिलिंडर को अधिकारियों ने सीज किया हैं।
गाजियाबाद जिला अस्पिताल के वरिष्ठी जनरल फिजीशियन डॉ. आरपी सिंह के अनुसार इंजेक्शंन लगाकर निकाला गया दूध स्वालस्य्ेर के लिए खतरनाक हो सकता है।
जानें नुकसान
- 5 साल तक के छोटे बच्चों का दूध पीने से पाचन तंत्र खराब हो सकता है और आंखें कमजोर हो सकती है।
- कम उम्र में ही लड़कियों में अप्रत्याशित विकास के साथ-साथ किशोरावस्था में ही लड़कियां बड़ी दिखने लगती हैं।
- 15 से 30 साल के युवाओं में हार्मोनल असंतुलन का खतरा हो सकता है।
- इस दूध में सोडियम व नमक की मात्रा बढ़ जाती है।
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