मध्य प्रदेश के होशंगाबाद जिले का नाम नर्मदापुरम करने के प्रस्ताव को केंद्र से मिली स्वीकृति: मुख्यमंत्री

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भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि केंद्र सरकार ने प्रदेश के होशंगाबाद जिले का नाम नर्मदापुरम करने की मंजूरी दे दी है। इसी तरह केंद्र ने नर्मदापुरम जिले के बाबई कस्बे का नाम बदलकर प्रसिद्ध हिंदी कवि और पत्रकार माखनलाल चतुर्वेदी के नाम पर माखन नगर करने के लिए भी …

भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि केंद्र सरकार ने प्रदेश के होशंगाबाद जिले का नाम नर्मदापुरम करने की मंजूरी दे दी है। इसी तरह केंद्र ने नर्मदापुरम जिले के बाबई कस्बे का नाम बदलकर प्रसिद्ध हिंदी कवि और पत्रकार माखनलाल चतुर्वेदी के नाम पर माखन नगर करने के लिए भी मंजूरी दे दी है। चौहान ने एक ट्वीट में कहा कि, होशंगाबाद को नर्मदापुरम और बाबई को माखन नगर करने का प्रस्ताव मध्य प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार को भेजा था, जिसे स्वीकृति मिल गई है।

जन आकांक्षाओं के अनुरुप इस सुखद निर्णय के लिए माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। प्रदेश सरकार की ओर से इस संबंध में अधिसूचना जारी होते ही नाम में बदलाव हो जाएगा। प्रदेश सरकार की एक वेबसाइट के अनुसार होशंगाबाद का नाम मालवा के दूसरे राजा गोरी वंश के होशंगशाह के नाम पर पड़ा था। होशंगशाह ने इसे जीता था, इसका पुराना नाम नर्मदापुर था।

हालांकि प्राचीन इतिहास में होशंगाबाद जिले का कोई उचित विवरण नहीं है। ऐतिहासिक अभिलेखों में सबसे पहले इसका नाम 1405 ईस्वी में सुल्तान होशंगशाह गोरी के शासनकाल के दौरान सामने आया। होशंगशाह ने होशंगाबाद के साथ दो अन्य जगहों हंडिया और जोगा में छोटे किले बनवाए। इस बीच, प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने इस मामले को लेकर चौहान सरकार पर निशाना साधा।

उन्होंने एक ट्वीट में पूछा, नर्मदा तट पर बसे होशंगाबाद का नाम बदलकर नर्मदापुरम तो हो गया लेकिन इस जिले में नर्मदा नदी को रोज छलनी करने वाला अवैध उत्खनन कब बंद होगा? उन्होंने कहा कि अब मां नर्मदा के नाम पर नामकरण होने के बाद शिवराज सरकार संकल्प ले कि वह अवैध उत्खनन नहीं होने देगी।

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