पीलीभीत: फजीहत के बाद एसपी ने ली सुध, सिपाही निलंबित

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पीलीभीत, अमृत विचार। जिला अस्पताल परिसर के एक सरकारी आवास में सेक्स रैकेट चलाने की सूचना पर पकड़े गए पुलिस लाइन के सिपाही की मुश्किल बढ़ गई। उच्चाधिकारियों के संज्ञान में मामला पहुँचने के बाद विभागीय जांच शुरू कर दी गई। जिसके बाद सिपाही महकार सिंह को निलंबित कर दिया गया। पूरे मामले की जांच …

पीलीभीत, अमृत विचार। जिला अस्पताल परिसर के एक सरकारी आवास में सेक्स रैकेट चलाने की सूचना पर पकड़े गए पुलिस लाइन के सिपाही की मुश्किल बढ़ गई। उच्चाधिकारियों के संज्ञान में मामला पहुँचने के बाद विभागीय जांच शुरू कर दी गई। जिसके बाद सिपाही महकार सिंह को निलंबित कर दिया गया। पूरे मामले की जांच एएसपी को दी गई है।

सेक्स रैकेट की सूचना पर कोतवाली पुलिस ने शुकवार को जिला अस्पताल में एक सरकारी आवास पर छापा मारा था। यहाँ से पुलिस लाइन में तैनात सिपाही महकार सिंह, स्वास्थ्य विभाग का टेक्नीशियन समेत चार लोग पकड़े गए थे। सिपाही को बचाने के लिए मामले को पुलिस दबा गई थी।

सिपाही समेत दो लोगों पर मात्र एनसीआर दर्ज की गई थी। एसपी ने सेक्स रैकेट का साक्ष्य न मिलने की बात कही थी। हालांकि सिपाही यह नहीं बता सका था कि वह इस मकान में क्यों पहुँचा। जिसके चलते विभागीय जांच के आदेश कर दिए थे। अब इस मामले में सिपाही की मुश्किल बढ़ती दिखी।

सीओ पूरनपुर वीरेंद्र विक्रम से जांच कराई गई। सीओ की जांच रिपोर्ट मिलने पर सिपाही दोषी साबित हुआ। वह उन मकान में जाने का कोई संतोषजनक जबाव नही दे सका। इसे लेकर खाकी की जमकर फ़ज़ीहत हुई थी। इसी को देखते हुए सिपाही पर कार्रवाई कर दी गयी। एसपी दिनेश कुमार पी ने बताया कि मामले में जांच के आदेश एक दिन पूर्व कर दिए गए थे।

सीओ सुनील की जांच में सिपाही की गलती निकली। जिसके आधार पर उसे निलंबित कर दिया है। विभागीय जांच एएसपी को दी गयी है। आगे जो भी तथ्य सामने आएंगे उसी आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

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