Covid-19 Update: यूपी में कोरोना की थमी रफ्तार,राजधानी में मिले 337 नए केस

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Edited By Amrit Vichar
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लखनऊ। यूपी में लंबे समय बाद कोरोना संक्रमण की दर 1 फीसद से भी नीचे आ गई है। इससे कोरोना संक्रमण फैलने की आशंका अब बेहद कम हो गई है। बीते 24 घंटे में यूपी में 1.98 लाख लोगों की कोरोना जांच में 2127 नए रोगी मिले हैं। वहीं 5155 मरीज स्वस्थ हुए हैं।प्रदेश में …

लखनऊ। यूपी में लंबे समय बाद कोरोना संक्रमण की दर 1 फीसद से भी नीचे आ गई है। इससे कोरोना संक्रमण फैलने की आशंका अब बेहद कम हो गई है। बीते 24 घंटे में यूपी में 1.98 लाख लोगों की कोरोना जांच में 2127 नए रोगी मिले हैं। वहीं 5155 मरीज स्वस्थ हुए हैं।प्रदेश में अब सक्रिय केस घटकर 20065 रह गए हैं। रिकवरी रेट 97 प्रतिशत है।

अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि टीकाकरण अभियान में और तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं 15 वर्ष से 18 वर्ष के बीच की उम्र के 1.14 करोड़ लोगों ने टीके की पहली और 9.85 लाख किशोरों ने दोनों डोज लगवा ली है। वहीं 18 साल से अधिक उम्र के 15.02 करोड़ लोगों को टीके की पहली और 10.89 करोड़ वयस्कों ने दोनों डोज लगवा ली है। वहीं, 18.51 लाख लोगों को सतर्कता डोज लगाई जा चुकी है।

लखनऊ में कोरोना के 337 नए संक्रमित

लखनऊ में भी कोरोनावायरस से संक्रमित व्यक्तियों के आंकड़े में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। बुधवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार 337 नए संक्रमित मिले तो वहीं, 878 व्यक्ति कोविड-19 से स्वस्थ हुए। वहीं, संक्रमण से एक व्यक्ति की मृत्यु भी हुई है।

राजधानी में बुधवार को कांटैक्ट ट्रेसिंग में 69 नए मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। वहीं, बाहर से यात्रा कर लौटे 38 व्यक्ति संक्रमित पाए गए हैं। सर्दी-जुकाम और बुखार जैसे हल्के लक्षणों के बाद जांच करवाने पर 96 व्यक्तियों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। सर्जरी और अन्य इलाज से पहले जांच करवाने वाले 12 व्यक्तियों में संक्रमण मिला है। पांच स्वास्थ्य कर्मचारियों में संक्रमण की पुष्टि हुई है तो वहीं विभिन्न संस्थानों से भी पांच कर्मचारियों में संक्रमण मिला है। कमांड अस्पताल में जांच करवाने वाले 22 व्यक्तियों में संक्रमण की पुष्टि हुई है।

बस्ती निवासी 68 साल के पुरुष रोगी को पिछले 10 वर्षों से क्रानिक आब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिसीज (सीओपीडी) से ग्रस्त थे। साथ ही उन्हें डायबिटीज, हाइपरटेंशन और पल्मोनरी ट्यूबरक्लोसिस की समस्या भी थी। कोरोना वायरस के संक्रमण की पुष्टि होने के बाद उन्हें विवेकानंद पालीक्लीनिक में भर्ती किया गया था लेकिन इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गयी।

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