डॉ. एमसी सक्सेना कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेज की बढ़ी मुश्किल, पुलिस ने गेट पर चिपकाया नोटिस

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

लखनऊ। नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) से बेहतर ग्रेड पाने के लिए मजदूरों को फर्जी मरीज बताकर जबरन बंधक बनाने के मामले में राजधानी के दुबग्गा स्थित डॉ एमसी सक्सेना कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंस की परेशानियां दिनों-दिन बढ़ती जा रही हैं। डीसीपी पश्चिम के आदेश पर ठाकुरगंज थाना की ओर से गुरुवार को कॉलेज के गेट …

लखनऊ। नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) से बेहतर ग्रेड पाने के लिए मजदूरों को फर्जी मरीज बताकर जबरन बंधक बनाने के मामले में राजधानी के दुबग्गा स्थित डॉ एमसी सक्सेना कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंस की परेशानियां दिनों-दिन बढ़ती जा रही हैं।

डीसीपी पश्चिम के आदेश पर ठाकुरगंज थाना की ओर से गुरुवार को कॉलेज के गेट पर नोटिस साटा गया। नोटिस के माध्यम से कॉलेज को 24 घंटे के भीतर मामले से संबंधित साक्ष्य अर्दली के पास जमा करने और नोटिस का तत्काल लिखित संज्ञान देने का आदेश दिया गया।

कई मजदूरों को बंधक बनाकर लगा दिया था वीगो

ज्ञात हो कि गत मंगलवार ठाकुरगंज थानांतर्गत दुबग्गा स्थित डॉ एमसी सक्सेना कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंस में एमसीआई निरीक्षण को लेकर कई मजदूरों को पैसे का लालच देकर मरीज बनने की बात कहकर जबरन बंधक बना लिया गया है। इसके बाद मरीजों को बिना कोई बीमारी वीगो और इंजेक्शन लगा दिये गये। सूचना मिलने पर पुलिस ने दर्जनों मजदूरों को कॉलेज से छुड़वाया।

अंगों की तस्करी के संदेह के लिए टीमें गठित, होगी जांच: डीसीपी पश्चिम

डीसीपी पश्चिम सोमेन वर्मा ने बताया कि मजदूरों के गांव में पूछताछ के क्रम में पता चला है कि कई मजदूरों को पूर्व में भी पैसे का लालच देकर मरीज बनाने के लिए ले जाया गया था। जिनमें से कुछ के बिना बीमारी ऑपरेशन कर दिये गये हैं।

इस आरोप को लेकर बुधवार को 10 मरीजों की मेडिकल जांच कराई गई, पर कोई साक्ष्य नहीं मिला। इसके बाद भी आसपास के गांवों में जांच के लिए विशेष टीमें बनाई गई हैं। अगर टीम को कोई संदिग्ध मामला मिलता है तो मेडिकल बोर्ड की निगरानी में मरीज की जांच की जायेगी। मेडिकल जांच में अगर अंग तस्करी का मामला मिलता है तो अलग से मामला दर्ज कर कोर्ट ऑर्डर लेकर कॉलेज के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी।

नाफरमानी, अल्टीमेटम के बावजूद 24 घंटे में नहीं दिया सीएमओ के नोटिस का जवाब

डॉ. एमसी सक्सेना कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंस के खिलाफ मजदूरों को जबरन बंधक बनाकर फर्जी मरीज बनाने और बेवहज वीगो व इंजेक्शन लगाने के आरोप में मुख्य चिकित्सा अधिकारी मनोज अग्रवाल ने बुधवार को कॉलेज प्रबंधन को नोटिस जारी करते हुए लिखित स्पष्टीकरण मांगा था।

जिसमें 24 घंटे के भीतर ससाक्ष्य लिखित जवाब सीएमओ कार्यालय को देने का आदेश दिया गया था। पर कॉलेज प्रबंधन ने सरकारी आदेश को ताक पर रखते हुए 24 घंटे बीतने के बाद गुरुवार शाम तक भी लिखित स्पष्टीकरण सीएमओ को नहीं सौंपा है।

डॉ एमसी सक्सेना कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंस में मजदूरों को पैसे का लालच देकर फर्जी मरीज बनाकर बंधक बनाने और बिना कोई बीमारी वीगो व इंजेक्शन लगाने के मामले में नोटिस देकर लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया था। पर अबतक जवाब नहीं दिया गया है। एक और रिमाइंडर भेजा जायेगा। अगर फिर भी जवाब नहीं मिला तो कॉलेज के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की अनुशंसा की जायेगी। आगे की कार्रवाई एनएमसी की ओर से की जायेगी।

-मनोज अग्रवाल, सीएमओ

यह भी पढ़ें: बिजनौर : योगी ने गिनाई अपनी सरकार की उपलब्धि, निशाने पर रहा विपक्ष

 

संबंधित समाचार