लखीमपुर-खीरी: छोटे से छोटे गांव में पहुंच रहे प्रत्याशी मतदाताओं पर डाल रहे डोरे

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

लखीमपुर-खीरी,अमृतविचार। मतदान की तारीख नजदीक आते ही प्रत्याशियों की अजमाइस तेज होती जा रही है। प्रत्याशी वोटों की महक पाकर छोटे से छोटे गांव तक पहुंच रहे हैं और मतादाताओं को लुभाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं। उन्हें तमाम प्रकार के सपने भी दिखा रहे हैं। साथ ही हाथ जोड़ और पैर …

लखीमपुर-खीरी,अमृतविचार। मतदान की तारीख नजदीक आते ही प्रत्याशियों की अजमाइस तेज होती जा रही है। प्रत्याशी वोटों की महक पाकर छोटे से छोटे गांव तक पहुंच रहे हैं और मतादाताओं को लुभाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं। उन्हें तमाम प्रकार के सपने भी दिखा रहे हैं। साथ ही हाथ जोड़ और पैर छूकर भी जीत का आर्शीवाद ले रहे हैं। मतदाता भी इस बार प्रत्याशियों के दांव पेंचों को अच्छी तरह से परख रहा है। शायद यही वजह है कि जो प्रत्याशी चौखट तक पहुंच रहा है। वह उसे वोट देने के लिए आश्वस्त भी कर रहा है।
भारत-नेपास सीमा पर स्थित लखीमपुर खीरी उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा जिला है। चौथे चरण में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए इस जिले में नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद जिले की आठों विधानसभा सीटों पर प्रत्याशियों की संख्या और चेहरे भी साफ हो गए हैं। यहां 23 फरवरी को वोट डाले जाएंगे। जिले की कुल आबादी 5018425 है। 1167 ग्राम पंचायतें हैं। कुल छोटे-बड़े गांवों की संख्या 1681 है।

कोतवाली तिकुनियां क्षेत्र में भारत-नेपाल सीमा पर बह रही मोहाना नदी ने चौगुर्जी गांव सहित आसपास का भुगोल ही बदल दिया है। तहसील निघासन क्षेत्र के यह गांव अब नदी के पार नेपाल की तरफ पहुंच गया है। चौगुर्जी समेत कई गांव ऐसे हैं, जिनमें चुनाव के समय ही नेता जी वोट मांगने पहुंचते हैं।

तमाम तरह के वायदे कर उन्हें ऊंचे ख्वाब भी दिखाते हैं, लेकिन चुनाव जीतने के बाद पूरे पांच साल तक गांव की तरफ मुड़कर नहीं देखते। हालात यह रहती है कि बाढ़-कटान की विभीषिका के दौरान पीड़ितों को सरकारी मदद तक भी नहीं पहुंच पाती। लोकसभा, विधानसभा का चुनाव हो चाहे ग्राम पंचायत का।

इन चुनावों के आते ही नेताओं को वोटों की खुशबू आने लगती है और वह एक बार फिर गांवों की तरफ रूख करते हैं। इस बार भी विधानसभा चुनाव में चुनाव लड़ रहे प्रत्याशी और उनके कार्यकर्ता ने छोटे-छोटे गांवों की तरफ रूख कर दिया है। नेता मतदाताअ ों से इस तरह से पेश आ रहे हैं, जैसे उनसे अधिक सगा और कोई नहीं है। वह हाथ भी जोड़ रहे है। पैर भी छू रहे हैं।

अपनी पांच साल में जाने अनजाने में हुई गल्तियों के लिए क्षमा भी मतदाताओं से मांग रहे हैं। पांच साल तक सड़क, नाली, खडंजा समेत तमाम मूलभूत सुविधाअ ों से वंचित जनता भी अब नेता जी के वादों को भलीभांति समझ चुकी है। मतदाता आने वाले हर प्रत्याशी को आश्वस्त कर रहे हैं कि आप चिंता न करें वोट आपको ही मिलेगा। नेता जी भी वोट के बदले उन्हें तमाम प्रकार के लुभावने वादे भी कर रहे हैं। नेता जी भी जनता के इरादों को भांप रहे हैं, इसलिए वह मतदाताओं को अपनी तरफ आकर्षित करने के लिए सारे जतन कर रहे हैं।

ये भी पढ़ें-

लखीमपुर-खीरी: जमानत निरस्त नहीं हुई तो बड़े स्तर पर होगा आंदोलन

संबंधित समाचार