यूपी चुनाव 2022: मेरठ छह सीटों पर कांटे की टक्कर, 10 मार्च को होगा फैसला
मेरठ। यूपी के मेरठ जिले की सात विधानसभा सीटों में से कैंट को छोड़कर अन्य छह सीटों पर कांटे की टक्कर है। भाजपा को सपा-रालोद गठबंधन से चुनौती मिल रही है। हालांकि फाइनल स्थिति 10 मार्च को ही पता चलेगी। मेरठ जिले में गुरुवार को सभी सात सीटों पर मतदान हुआ। सुबह सात बजे से …
मेरठ। यूपी के मेरठ जिले की सात विधानसभा सीटों में से कैंट को छोड़कर अन्य छह सीटों पर कांटे की टक्कर है। भाजपा को सपा-रालोद गठबंधन से चुनौती मिल रही है। हालांकि फाइनल स्थिति 10 मार्च को ही पता चलेगी। मेरठ जिले में गुरुवार को सभी सात सीटों पर मतदान हुआ। सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक मतदान हुआ। चंद बूथों पर शाम छह बजे के बाद भी मतदान जारी रहा।
सुबह से शाम तक मतदान की स्थिति से स्पष्ट है कि जिले में केवल मेरठ कैंट विधानसभा सीट पर ही भाजपा की स्थिति बेहतर है। अन्य छह सीटों पर भाजपा और सपा-रालोद गठबंधन के प्रत्याशियों में कड़ा मुकाबला देखने को दिख मिल रहा है। मेरठ कैंट विधानसभा क्षेत्र पर भाजपा की बढ़त दिख रही है। सुबह से ही कैंट के बूथों पर भाजपा समर्थक मतदाताओं की लाइन लगी रही।
वहीं मेरठ शहर, मेरठ दक्षिण, किठौर, सिवालखास, सरधना और हस्तिनापुर में भाजपा और सपा-रालोद गठबंधन में कांटे की टक्कर है। रालोद को सिवालखास में बढ़त मिल सकती है। हस्तिनापुर में भाजपा के दिनेश खटीक और सपा के योगेश वर्मा, किठौर में भाजपा के सत्यवीर त्यागी और सपा के शाहिद मंजूर, मेरठ दक्षिण में भाजपा के डा.सोमेन्द्र तोमर और सपा के आदिल चौधरी, सरधना में भाजपा के संगीत सोम और सपा के अतुल प्रधान के बीच कांटे की टक्कर है। हालांकि यह मतदाताओं के रुझान के आधार पर है। फाइनल स्थिति तो 10 मार्च को ही पता चल सकेगा।
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