आजमगढ़: बांसडीह क्षेत्र की सड़कें जर्जर, आवागमन मुश्किल
बलिया। विकास में सड़कों की अहम भूमिका होती है जबकि ग्रामीण क्षेत्रों के सड़कों की स्थिति बदतर हो गई है। टीएस बंधे से तहसील मुख्यालय को जोड़ने वाली सड़क की बात करें तो इस जर्जर मार्ग पर आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। बांसडीह तहसील मुख्यालय को सरयू के तटवर्ती गांवों के साथ ही दियरांचल …
बलिया। विकास में सड़कों की अहम भूमिका होती है जबकि ग्रामीण क्षेत्रों के सड़कों की स्थिति बदतर हो गई है। टीएस बंधे से तहसील मुख्यालय को जोड़ने वाली सड़क की बात करें तो इस जर्जर मार्ग पर आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। बांसडीह तहसील मुख्यालय को सरयू के तटवर्ती गांवों के साथ ही दियरांचल के गांवों को जोड़ने व बिहार से यूपी में नदी मार्ग से आने वालों के लिए यह सुगम मार्ग एक दशक से जर्जर हालत में है।
बांसडीह विधानसभा क्षेत्र की एक तिहाई आबादी टीएस बंधे के किनारे मनियर से लेकर रेवती तक बसती है और इस आबादी को तहसील मुख्यालय आने के लिए बनीं सड़कें निर्माण के एक दो वर्ष बाद ही उखड़ने लगीं। पर्वतपुर रेगुलेटर से सारंगपुर होते हुए कस्बे को जोड़ने वाला जयनगर बांसडीह मार्ग एक दशक से जर्जर हालत में है।
क्षेत्रीय लोगों ने जनप्रतिनिधियों के साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों को भी इस समस्या से अवगत कराया लेकिन किसी ने इस तरफ ध्यान नहीं दिया। वहीं महुआबाग सड़क, डूहिमुसी, देवडीह की टूटी सड़कें भी परेशानी का सबब बनी हुई हैं।
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