लखनऊ: राजधानी में फर्जी दस्तावेजों का चल रहा व्यापार, दिल्ली तक जुड़े इसके तार
लखनऊ। राजधानी में इन दिनों धोखाधड़ी व फर्जीवाड़े से संबंधित अपराध का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। फर्जी दस्तावेजों का व्यापार भी तेजी से फल-फूल रहा है। परेशानी की बात तो ये है कि फर्जी दस्तावेजों का यह व्यापार सिर्फ लखनऊ तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों …
लखनऊ। राजधानी में इन दिनों धोखाधड़ी व फर्जीवाड़े से संबंधित अपराध का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। फर्जी दस्तावेजों का व्यापार भी तेजी से फल-फूल रहा है। परेशानी की बात तो ये है कि फर्जी दस्तावेजों का यह व्यापार सिर्फ लखनऊ तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों समेत नई दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश जैसे कई राज्यों तक फैला हुआ है।
पिछले एक सप्ताह में राजधानी लखनऊ में पकड़े गये तीन बड़े मामले
पिछले एक सप्ताह में राजधानी में फर्जी सर्टीफिकेट बनाकर बड़े अपराधों को अंजाम देने के तीन बड़े मामले प्रकाश में आए हैं। इनमें कृष्णा नगर में केनरा बैंक से फर्जी दस्तावेजों बनवाकर 45 करोड़ रुपये की ठगी करने, अमीनाबाद में फर्जी मार्कशीट व सर्टीफिकेट छापने वाला गिरोह पकड़ाने व इंदिरानगर में फर्जी दस्तावेज बनाकर चोरी की इम्पोर्टेड कारों को बेचने का मामला शामिल है।
कई राज्यों से मंगाये जाते हैं एक्सपर्ट
इन पकड़े गये गिरोहों से पूछताछ में पुलिस को पता चला है कि सरकारी सर्टीफिकेट्स की हूबहू नकली कॉपी तैयार करने के लिए नई दिल्ली, हरियाणा, पंजाब आदि राज्यों से एक्सपर्ट मंगाये जाते हैं। जो सर्टीफिकेट की एडिटिंग करने, नकली होलोग्राम तैयार करने, नकली मुहर तैयार करने आदि में माहिर होते हैं। वहीं इन गिरोहों के सरगना मूलरूप से बाहरी राज्यों या उत्तर प्रदेश के दूसरे शहरों के रहने वाले हैं।
गत शुक्रवार शिवाजी रोड में फर्जी सर्टीफिकेट छापने वाले एक अंतर्राज्यीय गिरोह को पकड़ा गया है। इस गिरोह के खिलाफ नई दिल्ली में भी मामला दर्ज है। इसके अलावा प्रदेश के कई शहरों में मामले दर्ज हैं। पुलिस इसकी छानबीन कर रही है।
-बृजेश द्विवेदी, कोतवाली प्रभारी, अमीनाबाद
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